उत्तराखंड की बर्फीली पहाड़ियों से होकर आने वाली उत्तर-पश्चिम की हवाओं ने मंगलवार रात को मौसम का मिजाज सर्द कर दिया। अधिकतम, न्यूनतम पारा भी लुढ़ककर सामान्य से नीचे आ गया। रात तकरीबन 2 बजे पूरा कानपुर में घना कोहरा छा गया। इससे वातावरण की नमी बढ़ी गई। नवम्बर के आखिरी दिन मौसम ने तेजी से करवट बदली है।
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फसलों पर कोहरे का असर
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खेतों की फसलों को कोहरे से नुकसान
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
मैदानी क्षेत्रों में सिहरन महसूस की गई। मौसम विज्ञानियोें का कहना है कि अब पारा और नीचे जाएगा। सर्दी पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा।
वातावरण में दिन की नमी बढ़ने और आसमान साफ होने की वजह से मंगलवार को घना कुहरा छा गया। इसका असर जनजीवन और फसलों पर भी पड़ा है।
पारा गिरने से बुधवार सुबह दिन में सिहरन महसूस की गई। वहीं कई जगहों पर कोहरे की चलते आवाजाही बाधित हुई। ट्रेनें अपने तय समय से लेट चल रही हैं। सड़क यातायात पर भी कोहरे का खासा असर देखने को मिल रहा है।