पांच वर्षों से मायके में रह रही थी चांदनी
कुछ ही देर में तीनों की हालत बिगड़ गई। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, तब तक तीनों ने दम तोड़ दिया। बताया गया कि चांदनी पिछले करीब पांच वर्षों से मायके में रह रही थी और मेहनत-मजदूरी कर अपनी बेटियों का पालन-पोषण करती थी। उसका विवाह करीब 12 वर्ष पहले करहल, मैनपुरी क्षेत्र में हुआ था।
शोर मचने पर ग्रामीण जुटे
घटना के समय घर पर कोई मौजूद नहीं था। पिता रामपाल गुजरात में नौकरी करते हैं, जबकि मां शांति देवी खेतों में भूसा लेने गई थीं। इसी बीच परिवार का एक लड़का घर पहुंचा, तो चांदनी को तड़पता देखा। शोर मचने पर ग्रामीण जुटे और पुलिस को सूचना दी गई।
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तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
सूचना पर पहुंची कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है। मां और दो मासूम बच्चियों की एक साथ मौत से गांव में चीख-पुकार मच गई। हर आंख नम है और हर जुबान पर एक ही सवाल- आखिर ऐसा क्या हुआ कि मां ने अपनी बेटियों संग मौत चुन ली?