कानपुर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में शुक्रवार रात 24 घंटे के भीतर 30 साल के तीन युवकों ने फंदा लगाकर जान दे दी। जूही थाना क्षेत्र के मिलिट्री कैंप कच्ची बस्ती निवासी राजू जायसवाल (30) लोहे के कारखाने में काम करता था। उसके बड़े भाई राहुल ने बताया कि दशहरा पर राजू देर रात करीब 1:30 बजे दोस्तों के साथ मेला घूमकर लौटा। इस कारण शुक्रवार को वह काम पर नहीं गया था। वह और मां संगीता काम के सिलसिले से कहीं गए हुए थे।
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घर लौटने पर राजू के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। पुलिस को बुलवाकर दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर राजू का शव फंदे से लटका मिला। जूही इंस्पेक्टर मनोज मिश्रा के अनुसार परिजन खुदकुशी का कारण नहीं बता सके। इसी प्रकार सेनपश्चिम पारा गांव में शुक्रवार रात छोटेलाल के मजदूर बेटे अर्जुन राजपूत (30) ने शुक्रवार देर रात फंदा लगाकर जान दे दी। पिता के अनुसार शुक्रवार शाम काम से लौटने के बाद खाना खाने के बाद कमरे में सोने चला गया। दरे रात उसने पंखे के कुंडे के सहारे फंदा लगा लिया। सेनपश्चिम पारा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि शराब पीने के कारण रात में विवाद हुआ। इसी के बाद उसने जान दे दी।
वहीं, चकेरी के सनिगवां चंदननगर में हिमांशु कुशवाहा (30) का चार दिन पुराना शव फंदे से लटका मिला। दुर्गंध उठने पर आसपास के लोगों ने सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव निकाला। युवक के अलावा घर पर कोई नहीं था। परिजनों से संपर्क किया जा रहा है।