दबौली में सोमवार दोपहर अंजली वर्मा (37) ने उसी कुंडे में फंदा लगाकर जान दे दी जिसमें दो साल पहले उसके पति अजय ने फंदा लगाया था। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजा है। दबौली निवासी स्नेहलता वर्मा का दो मंजिला मकान है। भूतल पर छोटा बेटा विजय राज पत्नी दीपाली व बेटी लाडो संग रहता है जबकि पहली मंजिल पर बड़ी बहू अंजली बेटी अद्रिका और बेटे रक्षित के साथ रहती थीं।
दूसरी मंजिल पर स्नेहलता भी रहती हैं। विजय ने बताया कि सोमवार को बच्चे स्कूल, मां बर्रा में रहने वाली बहन के घर और वह काम पर गए थे। घर पर अंजली और दीपाली थी। दीपाली कपड़े डालने छत पर गई तो दरवाजा बंद था। काफी देर खटखटाने पर भी दरवाजा न खुलने पर अनहोनी की आंशका से विजय को सूचना दी। इस पर उन्होंने पुलिस को जानकारी दी।
सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने पड़ोसी के घर की छत के रास्ते जाकर दरवाजा खोला तो दुपट्टे के सहारे अंजली का शव फंदे से लटका मिला। विजय के अनुसार अंजली के पास ई-ऑटो था जिसे ड्राइवर चलाता है। पांच दिन पहले ऑटो हाईवे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इससे वह काफी परेशान थीं। इंस्पेक्टर अभय सिंह ने बताया कि महिला के पति ने भी दो साल पहले आत्महत्या की थी।