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Kanpur Weather Update: कहीं बारिश...कहीं धूप, पेचिंग रेन हो रही है ज्यादा, जलवायु परिवर्तन से हो रहा है ऐसा

Sat, 15 Jul 2023 08:40 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Weathar News: मौसम विभाग के प्रभारी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि मौसमी गतिविधियों के मिजाज पर जलवायु परिवर्तन का असर है। इसी से एक साथ एक जैसी बारिश बड़े क्षेत्र में नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि कानपुर परिक्षेत्र में शुक्रवार को 12 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
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कानपुर में बारिश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में सुबह से लेकर शाम के बीच शहर के अलग-अलग हिस्सों में 12 मिली बारिश हुई। जब गोविंदनगर, किदवई नगर में पानी बरस रहा था, तो सिविल लाइंस और गुमटी की ओर से घने बादलों के बीच धूप निकली थी। शाम को जब आर्यनगर, नवाबगंज और इसके आसपास के क्षेत्रों में बारिश हुई, तो दक्षिण क्षेत्र में पानी थम गया था।

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सीएसए विवि में स्थापित मौसम विभाग प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार इस बार पेचिंग रेन (क्षेत्रवार) ज्यादा हो रही है। इसकी वजह जलवायु परिवर्तन है। ऐसे में हवाओं का रुख बदल गया है, वे कुछ क्षेत्रों तक सीमित हो रही है। इससे बारिश वाले बादल आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। हवा में नमी की मात्रा अधिकतम 92 व न्यूनतम 67 प्रतिशत रही।
इस बीच शुक्रवार को अधिकतम तापमान 34.2 व न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहा। सीएसए के मौसम विभाग का अनुमान है कि बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवात कानपुर परिक्षेत्र के मौसम पर असर डालेगा। किसी क्षेत्र में इकट्ठी बहुत तेज बारिश हो सकती है और किसी क्षेत्र में सिर्फ बूंदाबांदी होकर रह जाएगी।

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सेंट्रल यूपी के मध्य में है मानसूनी रेखा
मौसम विभाग के प्रभारी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि मौसमी गतिविधियों के मिजाज पर जलवायु परिवर्तन का असर है। इसी से एक साथ एक जैसी बारिश बड़े क्षेत्र में नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि कानपुर परिक्षेत्र में शुक्रवार को 12 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मानसूनी रेखा इस समय सेंट्रल यूपी के मध्य में है।
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हर जगह नहीं बन पा रहा है एक जैसा सिस्टम
मौसम विज्ञानी डॉ. पांडेय ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ हिमाचल प्रदेश होते हुए निकल गया है। पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के मिल जाने से वहां बारिश अधिक हुई। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नम हवाएं लगातार आ रही हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण एक जैसा सिस्टम हर जगह नहीं बन पा रहा है।
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