अभी तक कानपुर परिक्षेत्र में जो शीत लहर है, वह जेट स्ट्रीम हवाओं के कारण है। जेट स्ट्रीम यूरोप और दक्षिणी एशिया की बर्फबारी की ठंडक लेकर आ रही हैं। सीएसए के मौसम विभाग प्रभारी डॉ. पांडेय ने बताया मौसम वेधशाला के सन शाइन रिकॉर्डर के आंकड़ों के मुताबिक 21 दिन सन शाइन यानी धूप निकलने की अवधि शून्य रही है।
हिमालय क्षेत्र में बर्फबारी होने पर गंगा के मैदानी क्षेत्रों में ठंडक बढ़ेगी
धूप निकलने से दिन में राहत मिलेगी। साथ ही अधिकतम तापमान में इजाफा होगा। इस वक्त उत्तर पश्चिमी हवाएं चल रही हैं। हिमालय क्षेत्र में बर्फबारी होने पर गंगा के मैदानी क्षेत्रों में ठंडक बढ़ेगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग और मौसम केंद्र ने 26 और 27 जनवरी को विभिन्न जिलों में घने को कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की है।
जल संकट की स्थिति पैदा हो सकती है
इसमें कानपुर नगर और कानपुर देहात दोनों शामिल हैं। मौसम विभाग प्रभारी डॉ. पांडेय ने बताया कि एक और पश्चिमी विक्षोभ अभी जम्मू-कश्मीर के आसपास है। उन्होंने बताया कि बर्फबारी होने से नदियों में पानी आएगा। अगर बर्फबारी न हुई, तो जल संकट की स्थिति पैदा हो सकती है। बहुत सी नदियों के सूखने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के आने से ठंडक फरवरी के पहले सप्ताह तक खिंचने के आसार हैं।
तापमान
अधिकतम -17 डिग्री सेल्सियस।
न्यूनतम -तीन डिग्री सेल्सियस।