पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता का पड़ा असर
इसकी सबसे बड़ी वजह दिन में आसमान का खुला रहना और रात में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते बादलों का आना है। इससे जमीन की गर्मी ऊपर जाने के बजाए कुछ ऊपर जाकर रुक जाती है। बताया कि अभी अगले तीन दिनों तक इस तरह की दिक्कत रह सकती है।
अधिकतम और न्यूनतम तापमान में केवल 8.5 डिग्री का अंतर
अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बुधवार को महज 8.5 डिग्री सेल्सियस का अंतर रह गया, जबकि दोनों के तापमान में 15 से 20 डिग्री का अंतर होना चाहिए। दिन में करीब 10 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलीं।
वर्ष 2001 से अब तक जून का न्यूनतम तापमान
- 2001 : 29
- 2002 : 31
- 2003 : 30
- 2004 : 27
- 2005 : 29.3
- 2006 : 27.5
- 2007 : 26
- 2008 : 26
- 2009 : 28.3
- 2010 : 27
- 2011 : 27.8
- 2012 : 28
- 2013 : 26.2
- 2014 : 20.4
- 2015 : 29.2
- 2016 : 29.2
- 2017 : 28
- 2018 : 28
- 2019 : 28.6
- 2020 : 29.9
- 2021 : 25.8
- 2022 : 32
बिपरजॉय चक्रवात से मानसून में देरी की संभावना
मौसम विभाग प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार मुंबई और गुजरात के समुद्र में संभावित बिपरजॉय चक्रवात की वजह से मानसून के भी कमजोर होने के संकेत मिल रहे हैं। इससे पहले महानगर और इसके आसपास के क्षेत्रों में मानसून दो से पांच जुलाई के बीच आने के आसार थे, अब इसमें और देरी हो सकती है।
दिन के साथ चढ़ रहा रात का पारा
शुक्रवार रात से बढ़ी उमस हर दिन और बढ़ती जा रही है। कड़क धूप से लोग खासे परेशान नजर आए। दोपहर में धूप और तल्ख हुई। धूप से बचने के लिए लोग सिर व चेहरा ढक कर निकले। जबकि बाजार में दोपहर के समय सन्नाटा रहा। दिन में बिजली की आंख मिचौली गर्मी में लोगों पर सितम ढा रही है।