प्रदूषित कण चिपककर परतनुमा बनने के बजाए बिखर रहे हैं
प्रदूषण की मात्रा घटने के बावजूद यह सामान्य से 57 एक्यूआई अधिक रही। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार शनिवार को दिन से उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने से मौसम में नमी भी आई और हवा की गति तेज होने की वजह से प्रदूषित कण चिपककर परतनुमा बनने के बजाए बिखर रहे हैं।
कोरोना के बाद लोगों के फेफड़ों में फाइब्रोसिस हो गया है
इससे दिवाली के एक दिन पहले जितना प्रदूषण कोरोना काल से पहले होता रहा है, इस बार नहीं देखने को मिला। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के संचारी रोग के नोडल अधिकारी डॉ. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि कोरोना के बाद लोगों के फेफड़ों में फाइब्रोसिस हो गया है। इससे जरा सा प्रदूषण और संक्रमण नुकसान पहुंचा रहा है।
पिछली दो दिवाली में एक्यूआई
2020 और 2021 में 250 से 300 के बीच रहा
800 एक्यूआई पहुंच चुका है 2014 में
यहां लगे हैं प्रदूषण मापक यंत्र : एनएसआई कल्याणपुर, आईआईटी के पास, ब्रह्मनगर चौराहे के पास नेहरूनगर और किदवईनगर में।
प्रदूषण से संक्रमण फेफड़ों से शरीर में घुसा, एक की मौत
प्रदूषण के साथ वायरल संक्रमण नाक, गले, फेफड़ों से शरीर में घुस रहा है। रोगियों के नाक और गले की एलर्जी जल्दी ठीक नहीं हो रही है। लिवर और गुर्दा रोगियों की तबीयत बिगड़ रही है। गुर्दा रोगी प्रेमनगर की रहने वाली रिजवाना (53) की शरीर में संक्रमण फैलने के कारण सेप्टीसीमिया से मौत हो गई।