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Kanpur Weather Update: दिवाली में 800 तक पहुंच चुका है एक्यूआई, कोरोना बाद 300 एक्यूआई भी नुकसानदायक

Sun, 12 Nov 2023 08:57 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: मौसम विभाग के प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार शनिवार को दिन से उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने से मौसम में नमी भी आई और हवा की गति तेज होने की वजह से प्रदूषित कण चिपककर परतनुमा बनने के बजाए बिखर रहे हैं।
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कानपुर में प्रदूषण - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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दिवाली में 2014 में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 800 तक पहुंच चुका है, लोगों के फेफड़ों ने इसे सहन भी कर लिया। हालांकि कोरोना के बाद फेफड़ों की क्षमता पर असर पड़ा है। मामूली प्रदूषण और संक्रमण ही भारी पड़ जा रहा है। ऐसे में 300 एक्यूआई भी सेहत पर असर डाल सकता है।

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पिछले दो दिवाली से एक्यूआई 300 के आसपास रह रहा है। वहीं पिछले 15 दिनों में करीब 10 लोगों की मौत हुई है। हालांकि ये लोग किसी न किसी बीमारी से ग्रसित थे, पर प्रदूषण की वजह से इनकी हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि दीपावली पर ज्यादा धुआं फैलाने वाले पटाखे न छुड़ाएं, संभव हो तो ग्रीन पटाखों का ही इस्तेमाल करें
शनिवार तड़के वातावरण में हल्की धुंध के बीच प्रदूषण की मात्रा 200 एक्यूआई रही। जैसे-जैसे दिन चढ़ने लगा और हवाओं की गति सात से आठ किमी प्रति घंटे के औसत से चलने लगी, प्रदूषण की मात्रा घटने लगी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी रिपोर्ट के अनुसार शाम चार बजे कानपुर में प्रदूषण की औसत मात्रा 107 एक्यूआई रही।

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प्रदूषित कण चिपककर परतनुमा बनने के बजाए बिखर रहे हैं
प्रदूषण की मात्रा घटने के बावजूद यह सामान्य से 57 एक्यूआई अधिक रही। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार शनिवार को दिन से उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने से मौसम में नमी भी आई और हवा की गति तेज होने की वजह से प्रदूषित कण चिपककर परतनुमा बनने के बजाए बिखर रहे हैं।

कोरोना के बाद लोगों के फेफड़ों में फाइब्रोसिस हो गया है
इससे दिवाली के एक दिन पहले जितना प्रदूषण कोरोना काल से पहले होता रहा है, इस बार नहीं देखने को मिला। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के संचारी रोग के नोडल अधिकारी डॉ. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि कोरोना के बाद लोगों के फेफड़ों में फाइब्रोसिस हो गया है। इससे जरा सा प्रदूषण और संक्रमण नुकसान पहुंचा रहा है।

पिछली दो दिवाली में एक्यूआई
2020 और 2021 में 250 से 300 के बीच रहा
800 एक्यूआई पहुंच चुका है 2014 में

यहां लगे हैं प्रदूषण मापक यंत्र : एनएसआई कल्याणपुर, आईआईटी के पास, ब्रह्मनगर चौराहे के पास नेहरूनगर और किदवईनगर में।
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प्रदूषण से संक्रमण फेफड़ों से शरीर में घुसा, एक की मौत
प्रदूषण के साथ वायरल संक्रमण नाक, गले, फेफड़ों से शरीर में घुस रहा है। रोगियों के नाक और गले की एलर्जी जल्दी ठीक नहीं हो रही है। लिवर और गुर्दा रोगियों की तबीयत बिगड़ रही है। गुर्दा रोगी प्रेमनगर की रहने वाली रिजवाना (53) की शरीर में संक्रमण फैलने के कारण सेप्टीसीमिया से मौत हो गई।
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