समुद्र तल से ऊपर बना हुआ है चक्रवाती घेरा
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण समुद्र तल से 3.1 किमी के ऊपर चक्रवाती घेरा बना हुआ है। इसके खिंचाव के कारण हवाएं एक-दूसरे में मिश्रित हो रही हैं। अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और हिमालयी हवाएं चक्रवाती घेरे के आकर्षण में हैं।
कोहरा बढ़ गया और दृश्यता घट गई
इससे इनकी रफ्तार सुस्त पड़ी है। सोमवार को उत्तर-पूर्वी हवाओं की रफ्तार 1.1 किमी प्रति घंटा रही है। हवाओं में सुस्ती की वजह से धुंध, प्रदूषण और कोहरा बढ़ गया और दृश्यता घट गई है। सुबह दृश्यता सामान्य दो किमी से घटकर पांच सौ मीटर रही। सोमवार को अधिकतम तापमान सामान्य औसत के बराबर रहा।
नीचे बनी हुई है जेट स्ट्रीम
वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य औसत से चार डिग्री सेल्सियस कम रहा है। चक्रवाती घेरा बना होने की वजह से ठंड और गलन में अधिक तेजी नहीं आएगी। मौसमी गतिविधियों के बदलने के बाद हवाओं में तेजी आएगी। इसके बाद ठंड बढ़ेगी। जेट स्ट्रीम नीचे बनी हुई है। पश्चिमी विक्षोभ आने पर ये ठंड और बढ़ा देगी। हवाओं के बदले रुख से माहौल में नमी 84 प्रतिशत हो गई है। 24 घंटे में नमी पांच फीसदी कम हुई है।