मौसम विभाग प्रमुख डॉ. पांडेय के अनुसार दो साल पहले तक तापमान 12 से एक बजे के बाद बढ़ना शुरू होता था, यह अब करीब डेढ़ घंटा पहले होने लगा है। बताया कि यह स्थिति सिर्फ दिन की नहीं है, रात में भी इसी तरह का परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
कानपुर में जलवायु परिवर्तन से मौसम का स्वरूप बदल गया है। दोपहर 12 से 1 बजे के बीच की तपिश अब करीब डेढ़ घंटे पहले ही महसूस होने लगी है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार पिछले वर्ष तक जो तापमान दिन में 12.30 बजे से एक बजे के बीच होता था, उससे अधिक पारा अब दिन के 11 से 11.30 बजे के बीच होने लगा है।
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मौसम विभाग प्रमुख डॉ. पांडेय के अनुसार दो साल पहले तक तापमान 12 से एक बजे के बाद बढ़ना शुरू होता था, यह अब करीब डेढ़ घंटा पहले होने लगा है। बताया कि यह स्थिति सिर्फ दिन की नहीं है, रात में भी इसी तरह का परिवर्तन देखने को मिल रहा है। इसकी वजह यह भी है कि शहरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हीट लैंड (कंक्रीट के जंगल) का क्षेत्र बढ़ गया है। इसकी वजह से धूप से गर्म होकर ईंट और पत्थर की दीवारों से अधिक ऊष्मा बाहर निकलती है, जिससे आसपास का क्षेत्र दिन ढलने के बावजूद गर्म बना रहता है। इसे लेकर भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) मौसम में इस तरह का बदलाव फसलों और लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है। बताया कि सामान्य से करीब तीन डिग्री तापमान पिछले तीन वर्षों में बढ़ गया है।
इस तरह से बढ़ रहा मौसम का मिजाज
14 अप्रैल का तापमान
सुबह 11.30 बजे तापमान 36.07 एक वर्ष पहले यह 32 डिग्री के आसपास रहा था
16 अप्रैल का तापमान
11.30 बजे..42.74 डिग्री एक वर्ष पहले 38.5 डिग्री के करीब था
17 अप्रैल का तापमान
सुबह 8.30 बजे 36.07 डिग्री, एक वर्ष पहले 32.8 डिग्री के करीब
इस मौसम से ऐसे बचें
- अधिक धूप और उमस की वजह से चक्कर आने की घटनाएं बढ़ रहीं हैं। ऐसे में इससे बचने के लिए सूती और हल्के रंग वाले कपड़े से सिर जरूर ढंककर निकले।
-जरूरी काम जो धूप में करने होते हैं उसे दिन में 12 बजे से पहले ही निपटा लें।
- खाली पेट न रहें पानी खूब पीते रहे, गर्मी के बीच यदि अधिक पसीना आ रहा है और उससे बेचैनी बढ़ रही है तो यह स्थिति खतरनाक है, तत्काल डाॅक्टर से सलाह लें। शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करें।
- जायद की फसलों की पैदावार इस बार तेज धूप की वजह से इस बार कम होने की संभावना है।
- फसलों की सिंचाई के लिए सुबह या फिर देर शाम को समय ठीक रहेगा।
- दिन में भूलकर सिंचाई न करें, साथ ही दिन में धूप में तप रहे खीरा, ककड़ी को सीधे खाना भी जहर के सामन है।
- .डॉ. एसएन पांडेय मौसम, कृषि वैज्ञानिक सीएसए
बादलों का रहा घेरा, तापमान 6.2 डिग्री लुढ़का
हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ की वजह से छाए बादलों की वजह से शुक्रवार को दिन का पारा 6.2 डिग्री लुढ़ककर 33.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इसी तरह न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की बढ़ोतरी के साथ पारा 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम विभाग के अनुसार इस बीच 6.8 किमी प्रति घंटे के हिसाब से हवाएं चलीं। जिससे धूप का असर कम रहा। अगले दो दिनाें में बीच-बीच में मौसम में बदलाव आ सकता है। जिससे कभी तेज धूप तो कभी बादल रह सकते हैं।