,kanpur weather update
- फोटो : amar ujala
नौतपा ठीक से न तप पाने पर मानसून पिछड़ जाता है
मानसूनी हवाओं की टर्निंग होती है। यह बारिश के पैटर्न को निर्धारित करता है, जो मानसून को गति देता है। माना जाता है कि नौतपा ठीक से न तप पाने पर मानसून पिछड़ जाता है। मानसून की दो धाराएं यहां आती हैं। एक शाखा बंगाल की खाड़ी से प्रदेश के पूर्वी हिस्से से आती है।
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मानसून के कानपुर परिक्षेत्र पहुंचने की अनुमानित तिथि 23 जून
दूसरी अरब सागर वाली शाखा बुंदेलखंड की तरफ से आती है। जब दोनों मिलती हैं, तो मानसूनी बारिश चरम पर पहुंचती है। मानसून के कानपुर परिक्षेत्र पहुंचने की अनुमानित तिथि 23 जून है। प्रदेश के एकीकृत मौसम पूर्वानुमान केंद्र के प्रभारी वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अतुल सिंह का कहना है कि मानसून अभी केरल नहीं पहुंचा है।
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मौसमी गतिविधियों पर मानसून की चाल निर्धारित रहेगी
इसकी केरल पहुंचने की तिथि एक जून है। मानसून के केरल पहुंचने के बाद सही आकलन किया जा सकेगा। अनुमान है कि मानसून तीन-चार दिन देर से केरल पहुंचेगा। इसके बाद मौसमी गतिविधियों पर मानसून की चाल निर्धारित रहेगी।