Kanpur News: सीएसए के मौसम विभाग की माने तो कानपुर व आसपास के शहरों में मौसमी गतिविधियां अनुकूल हैं लेकिन जलवायु परिवर्तन की वजह से अभी हल्की बारिश ही होगी। 29 जून से जुलाई के पहले सप्ताह के दौरान तेज बारिश के आसार हैं।
समुद्र तल से चार किमी ऊपर उठीं हवाएं मानसूनी बादल लेकर कानपुर आ गई हैं। 35 फीसदी से अधिक नमी भी मौजूद है। समुद्री क्षेत्र से चलने वाली हवाओं की रफ्तार भी 60 से 70 किमी के बीच है। मानसूनी बारिश के लिए मौसमी गतिविधियां पूरी तरह अनुकूल हैं लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि झमाझम बारिश के लिए अभी इंतजार करना होगा। कारण जलवायु परिवर्तन का बताया जा रहा है।
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शनिवार-रविवार की रात गरज-चमक के साथ हुई बारिश के साथ मानसून का आगाज हुआ। लेकिन सात मिमी बारिश के बाद के बाद फुहारें थम गईं। पूरे शहर में भी एक साथ और एक सी बरसात नही हुई। दक्षिण में असर ज्यादा रहा तो बाकी शहर में फुहारें पड़ीं। मौसम विभाग के अनुसार आमतौर पर 28 जून को आने वाला मानसून जरूर तीन दिन पहले धमक पड़ा है।
लेकिन तेज बारिश की संभावना 29 जून या उसके बाद से होने की संभावना है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार सामान्य तौर पर मानसून आने पर लगातार पांच दिन तक बारिश होती है। लेकिन शहर में जलवायु परिवर्तन के असर के लगातार बारिश का सिलसिला शुरू नहीं हो पाया है।
अभी रुक रुककर हल्की बारिश होगी। हालांकि मानसून का असर पूरे क्षेत्र में बना रहेगा। झांसी, ललितपुर, महोबा, कानपुर, प्रयागराज के क्षेत्रों में सोमवार को हल्की बारिश हो सकती है। इस बीच रविवार को अधिकतम तापमान 37.5 और न्यूनतम 25.4 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा में अधिकतम नमी 87 और न्यूनतम 55 प्रतिशत रही।
मानसूनी बारिश के लिए समुद्र से चार किमी ऊपर हवाओं का उठना जरूरी होता है। इसी तरह समुद्री क्षेत्र से चलने वाली हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किमी के बीच होनी चाहिए। हवा में नमी की मात्रा का औसत भी 35 प्रतिशत से ऊपर होना चाहिए। यह सभी गतिविधियां पूरी होने के बाद मानसून महानगर और इसके आसपास के क्षेत्रों में पहुंचा है। जलवायु परिवर्तन की वजह से इस बार मानसूनी बारिश का लंबा सिलसिला होने में देरी है। पहले मानसून आने में देरी का पूर्वानुमान था लेकिन बिपरजॉय चक्रवात की वजह से इसमें तेजी आ गई।- डॉ. एसएन पांडेय कृषि एवं मौसम विभागाध्यक्ष सीएसए