दोपहर की नमी सात प्रतिशत बढ़ी
अभी तक अप्रैल के पूरे महीने का सबसे अधिक न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री वर्ष 2024 में 26 अप्रैल को रिकॉर्ड किया गया था। सीएसए की मौसम वेधशाला की रिपोर्ट के मुताबिक 24 घंटे में सुबह की नमी 25 प्रतिशत और दोपहर की नमी सात प्रतिशत बढ़ी है। सोमवार को सुबह की नमी 67 प्रतिशत और दोपहर की नमी 26 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई। अधिकतम तापमान सामान्य से 1.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री अधिक रहा।
बादल बढ़ेंगे और बौछारें पड़ने का अनुमान
मंगलवार रात से बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि मौसमी गतिविधियों में बदलाव हो रहा है। पुराना चक्रवाती हवाओं का घेरा निकल रहा है। नया सिस्टम आने वाला है। राजस्थान और दूसरे प्रांतों पर इसका असर दिख रहा है। इस सिस्टम के कानपुर पहुंचते ही मौसम बदलेगा। गुरुवार को नमी के सात बादल बढ़ेंगे और बौछारें पड़ने का अनुमान है।
लू को हल्के में न लें, पानी सबसे सटीक दवा
कानपुर। भीषण गर्मी के मद्देनजर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लू को हल्के में न लें। यह खतरनाक हो सकती है। इसमें शरीर का तापमान बढ़ जाता है और शरीर की ताप नियंत्रित करने की क्षमता प्रभावित हो जाती है। समय पर उपचार न मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकती है।
डिहाइड्रेशन से पीड़ित व्यक्तियों को ज्यादा खतरा
एसोसिएशन के कांफ्रेंस हॉल में अध्यक्ष डॉ. अनुराग मेहरोत्रा, सचिव डॉ. शालिनी मोहन, डॉ. डीपी अग्रवाल, डॉ. एसी अग्रवाल, डॉ. विशाल सिंह आदि विशेषज्ञों ने पत्रकारों को बताया कि शरीर में पानी और नमक की कमी होने से गुर्दों की खराब होने के साथ पूरे शरीर के मेटाबोलिज्म पर असर आता है। पानी सबसे सटीक दवा है। इसका सेवन करते रहें। बुजुर्ग एवं छोटे बच्चे, बाहर काम करने वाले लोग, हृदय, गुर्दा या अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीज, डिहाइड्रेशन से पीड़ित व्यक्तियों को ज्यादा खतरा है।