बादलों और गरज-चमक के रूप में दिखेगा असर
वहीं, प्रदेश के एकीकृत मौसम पूर्वानुमान केंद्र के प्रभारी डॉ. अतुल कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि हालांकि इस चक्रवात का सबसे ज्यादा असर अवध और पूर्वांचल के जिलों में है, लेकिन कानपुर परिक्षेत्र में भी इसका प्रभाव नमी वाले बादलों और गरज-चमक के रूप में दिख रहा है।
एक नवंबर से साफ होगा आसमान
मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 अक्तूबर को बादलों की आवाजाही और छिटपुट बूंदाबांदी के बाद, एक नवंबर से मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क होना शुरू हो जाएगा। फिलहाल बृहस्पतिवार सुबह से हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण शहरवासियों को गुलाबी ठंड का अहसास होने लगा है।