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Kanpur Weather: लालबंगला और चकेरी में झमाझम…बाकी जगह बारिश कम, जलवायु परिवर्तन से जल्दी होने लगी पॉकेट रेन

Wed, 02 Jul 2025 10:15 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Weather News: मौसम विभाग के अनुसार, जलवायु परिवर्तन से इस मानसून में पॉकेट रेन जल्दी होने लगी। शहर में बढ़ते हुए हीट आईलैंड की वजह से हर क्षेत्र का वायुमंडलीय दबाव अलग-अलग रहने लगा है। इसकी वजह से बारिश भी वहां का मौसम भी उसी तरह रहने लगा है।
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कानपुर में झमाझम बारिश - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में जलवायु परिवर्तन का असर अब मानसूनी बारिश पर भी देखने को मिल रहा है। पिछली बार पॉकेट रेन (फुटकर बारिश) जुलाई के दूसरे सप्ताह के बाद देखने को मिली थी, जबकि इस बार शुरुआत से ही दिखने लगी है। मंगलवार को एक बार फिर शहर के अलग-अलग हिस्सों में कम ज्यादा बारिश हुई।

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लाल बंगला, चकेरी, रामादेवी, श्यामनगर और सर्किट हाउस तक 49 मिमी बारिश हुई। यहां सड़कें लबालब हो गईं। शहर के बीच में मात्र 9.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बगल के जिले उन्नाव की बात करें तो वहां सिर्फ चार मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, शहर में बढ़ते हुए हीट आईलैंड की वजह से हर क्षेत्र का वायुमंडलीय दबाव अलग-अलग रहने लगा है।

कानपुर में झमाझम बारिश - फोटो : amar ujala
दोपहर तक बनी रही नमी
इसकी वजह से बारिश भी वहां का मौसम भी उसी तरह रहने लगा है। इसमें बदलाव होता रहता है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि मंगलवार सुबह चकेरी क्षेत्र में नमी की मात्रा 85 प्रतिशत रही, जो दोपहर तक इसी तरह बनी रही।

कानपुर में बारिश - फोटो : amar ujala
बूंदाबांदी के बीच घने बादल छाए रहे
सीएसए और शहर के बाकी हिस्से में दोपहर को नमी घटकर 69 प्रतिशत हो गई। ऐसे में नमी जहां अधिक नहीं थी, वहां पर बारिश तेज हुई। बताया जा रहा है कि माल रोड से अधिक बाजारों और मोहल्लों में इतना बारिश हुई कि पानी निकलने में एक घंटे लग गए। बाकी हिस्सों में बूंदाबांदी के बीच घने बादल छाए रहे।

बारिश में मस्ती करते बच्चे - फोटो : amar ujala
क्यूम्यलोनिंबस बादलों के कारण होती है पॅाकेट रेन
सभी स्थानों पर एक जैसी बारिश के बजाय किसी क्षेत्र में भारी और किसी क्षेत्र में हल्की बारिश की स्थिति को पॉकेट रेन कहा जाता है। इसमें कुछ क्षेत्र ऐसे भी होते हैं, जहां पर बादल तो होते हैं लेकिन बारिश जरा भी नहीं होती है।

कानपुर में झमाझम बारिश - फोटो : amar ujala
एक ही क्षेत्र में अचानक से बनता है बादलों का गुच्छा
यह स्थिति तब आती है, जब किसी क्षेत्र के वातावरण में नमी और तापमान अनुकूलता अधिक होती है और बादलों का एक ऐसा गुच्छा एक ही क्षेत्र में अचानक से बनता है और उतने ही क्षेत्र में बरस कर खत्म हो जाता है। ऐसे बादलों को क्यूम्यलोनिंबस बादल कहा जाता है।

कानपुर में झमाझम बारिश - फोटो : amar ujala
शहर में तेजी से बन रही बहुमंजिला इमारतों से जो गर्म हवाएं निकलती हैं, वे उस समय मौजूद बादलों तक पहुंचकर उसकी नमी को खतम कर देती है। जिन क्षेत्रों में ये गर्म हवाएं नहीं पहुंचती, वहां बारिश हो जाती है और बाकी स्थानों पर सूखे जैसी स्थिति बन जाती है।  -डॉ. एसएन सुनील पांडेय मौसम वैज्ञानिक
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कानपुर में झमाझम बारिश - फोटो : amar ujala
ऐसा रहा तापमान
अधिकतम- 33.4 डिग्री सेल्सियस।
न्यूनतम- 24.4 डिग्री सेल्सियस।
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