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कानपुर: दोगुने रेट पर कूड़ा निस्तारण का ठेका, 400 की जगह 800 रुपये प्रति टन की दर से मिला काम, जांच की तैयारी

Tue, 01 Sep 2026 10:10 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर नगर निगम में कूड़ा निस्तारण का ठेका देने में बड़े पैमाने पर धांधली सामने आई है। एसआईटी जांच में पता चला है कि सिंडिकेट के जरिए आगरा निवासी रवि लवनिया की कंपनी इनवायरमेंटल टेक्नो को 400 के बजाय 800 रुपये प्रति टन पर ठेका दिलाया गया था। इस कंपनी का कार्य पहले अलीगढ़ और शिवपुरी में भी निरस्त हो चुका है।
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कानपुर नगर निगम - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर नगर निगम का भ्रष्टाचार सड़कों तक ही सीमित नहीं है। यहां कूड़ा निस्तारण का ठेका देने में भी धांधली की गई है। एसआईटी की जांच में कूड़ा निस्तारण करने वाली कंपनी इनवायरमेंटल टेक्नो के खिलाफ साक्ष्य मिले हैं। सिंडिकेट ने दो गुना रेट पर कूड़ा निस्तारण का ठेका दिलाया था। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि कंपनी का संचालक आगरा निवासी रवि लवनिया है।

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इसे सिंडिकेट ने 400 रुपये प्रति टन के बजाय 800 रुपये प्रति टन के हिसाब से कूड़ा निस्तारण का ठेका दिलाया था। रवि की कंपनी ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत अलीगढ़ नगर पालिका और मध्य प्रदेश के शिवपुरी में भी यही काम किया था और दोनों ही जगहों पर कंपनी का काम निरस्त कर दिया गया था। शिवपुरी में तो कंपनी की बैंक गारंटी भी जब्त कर ली गई थी।

एसआईटी कर रही है जांच
बता दें कि एक सप्ताह से पुलिस और नगर आयुक्त मिलकर नगर निगम के भ्रष्टाचार पर प्रहार कर रहे हैंं। छह फर्मों को ब्लैक लिस्ट कर दो ठेकेदारों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है जबकि ठेके बांटने वाला सरगना आगरा निवासी गोविंद शर्मा फरार चल रहा है। पुलिस की ओर से गठित एसआईटी जांच कर रही है। इसी जांच में इनवायरमेंटल टेक्नो कंपनी का नाम भी सामने आया है।

कंपनी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी
पुलिस आयुक्त ने बताया कि रवि ने कई लोगों को धमकाने के बाद टेंडर अधिक दाम पर हासिल किया है। छह माह पूर्व पुलिस को मिली खुफिया रिपोर्ट में जिक्र था कि गोविंद और रवि दोनों कूड़ा निस्तारण केंद्र का ठेका लेने के लिए प्रयासरत हैं। बताया कि रवि की कंपनी के खिलाफ मिले साक्ष्य के आधार पर जांच की जा रही है। यदि आरोप सही मिल, तो कंपनी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।

सेवानिवृत्त के बाद केयर टेकर, चला रहे तीन कंपनी
नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और शिकायत आई है। स्टाफ अफसर (एडीसीपी) योगेश कुमार ने बताया कि नगर निगम में लेखाकार के पद से सेवानिवृत्त रामजी अवस्थी के खिलाफ शिकायत मिली है कि निजी हितों के लिए केयर टेकर बनाकर 45 हजार रुपये प्रतिमाह का वेतन दिया जा रहा है। सेवानिवृत्ति के बाद केयर टेकर का कार्यकाल दो बार बढ़ाया जा चुका है। रामजी पर आरोप है कि केयर टेकर के पद पर रहते हुए वह गलत बिलों का भुगतान करा रहा है। इसके अलावा रामजी के करीबियों के नाम पर भी ठेके की तीन कंपनियां चलने की जानकारी मिली है। शिकायतों की जांच कराई जा रही है।

एसआईटी के सहयोग के लिए नगर आयुक्त नियुक्त करें नोडल अधिकारी
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि अब एसआईटी बार-बार नगर निगम नहीं जाएगी। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय से कहा गया है कि एसआईटी की मदद के लिए वह एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर दें, ताकि एसआईटी जरूरी अभिलेख नोडल अधिकारी के माध्यम से प्राप्त कर सके। बार-बार एसआईटी के पहुंचने से नगर-निगम के रोजमर्रा के कार्यों पर असर पड़ रहा है। अधिक आवश्यकता पड़ने पर ही एसआईटी परिसर में दाखिल होगी।

विजिलेंस जांच में 15-20 नाम
पुलिस सूत्रों की मानें तो विजिलेंस जांच के लिए फाइल बननी शुरू हो गई है। पुलिस की रिपोर्ट में 15 से 20 अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम विजिलेंस जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। इन नामों में कुछ अधिकारी हैं तो कुछ अनधिकृत लोग भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल विजिलेंस जांच की चर्चा के बाद से भ्रष्ट अधिकारियों, ठेकेदारों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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गोविंद राजस्थान में राजनीतिक संरक्षण में
पुलिस एक सप्ताह से ठेकेदारी में धांधली कराने के आरोपी गोविंद शर्मा की तलाश कर रही है। तीन बार उसके आगरा स्थित घर भी जा चुकी है, लेकिन गोविंद और परिजन पुलिस को नहीं मिले हैं। माना जा रहा है कि गोविंद राजस्थान में किसी बड़े नेता के संरक्षण में है।
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