चमनगंज इंस्पेक्टर जावेद अहमद ने बताया कि मुख्तार पहले से ही जेल में बंद था, इसलिए कोर्ट से वारंट लेकर अपने केस में उसको शामिल कर लिया है। जेल में भी वारंट भेज दिया गया। जेल में जाकर उसके बयान भी दर्ज किए गए हैं।
बेटा-बेटी पर भी कार्रवाई की तैयारी
इंस्पेक्टर के मुताबिक वादी ने जो दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं, वह बेहद पुख्ता साक्ष्य हैं। शुरुआती जांच में स्पष्ट हो रहा है कि उस स्थान पर मंदिर था, जिसे मुख्तार ने कब्जा किया। उसकी रजिस्ट्री नाज आयशा व उमर के नाम करवा दी। इसलिए इन दोनों पर भी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।