गांवों के मुख्य मार्गों पर पहरा देते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
महाराजपुर और नरवल क्षेत्र के गांवों में लगातार हो रहीं ताबड़तोड़ चोरियों से बाैखलाएं ग्रामीण अजनबियों को देखकर आक्रामक हो रहे हैं। सूरज ढलते ही हर शाम घरों के बाहर लगने वाली चौपाल अब सुरक्षा की चौकी बन रही है। दरअसल ग्रामीणों को पुलिस की कार्यप्रणाली पर अब बिल्कुल भी भरोसा नहीं है। ग्रामीणों का मानना है कि चोरों ने जिन घरों से पूरा का पूरा माल साफ कर दिया उनके परिवारों का जीवन कैसे कटेगा। युवाओं की टोलियां रात में हाथों में लाठी-डंडे लेकर घरों की रखवाली करने के साथ गांवों के मुख्य मार्गों पर पहरा देने लगी हैं।
रिश्तेदारों को कर रहे सचेत, घर आएं तो दिन में
चोरी की वारदातों के बाद ग्रामीणों में दहशत का आलम इस कदर है कि वह नाते-रिश्तेदारों को भी सचेत कर रहे हैं। रिश्तेदारों से कह रहे है कि उनके यहां आना है तो दिन में आइए क्योंकि ग्रामीण रात में किसी भी बाहरी व्यक्ति को देख बिना सोचे समझे उनके साथ मारपीट भी कर देते हैं। गांव में फेरीवाला, कबाड़ी यहां तक की सब्जी बेचने वाले को भी शक की निगाहों से देखा जा रहा है।
गांवों के मुख्य मार्गों पर पहरा देते ग्रामीण
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पुलिस काम कर रही, हमें भी निभानी जिम्मेदारी
शनिवार रात महाराजपुर के नौगवां गौतम, सरसौल व नरवल के पाली गांव में चोरों के देखे जाने का दावा किया गया। सोशल मीडिया पर युवा वर्ग ने पोस्ट डाली कि पुलिस अपना काम कर रही है लेकिन हमें भी अपनी जिम्मेदारी निभानी है। समूह बनाकर गांव की निगरानी करनी है। गांव के कुछ बुजुर्गों ने कहा कि वह लोग चैन से नहीं सो पा रहे हैं। नींद पूरी न हो पाने के कारण वृद्धाजनित बीमारियों से स्वास्थ्य भी बिगड़ रहा है।
पहरा देते ग्रामीण
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प्रेमिका से मिलने पहुंचा था, चोर समझ पीट दिया
नेशनल हाईवे पर सुरक्षा में लगी पीआरवी के कर्मियों ने बताया कि महाराजपुर क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से रातभर में करीब एक दर्जन जगहों पर चोर देखे जाने की सूचनाएं मिलीं। जब वह लोग मौके पर पहुंचे तो भाग जाने की जानकारी दी गई। लाऊखेड़ा गांव पहुंचे तो संदिग्ध युवक मिला। उसकी पहचान पनकी निवासी के रूप में हुई है। उसने बताया वह प्रेमिका से मिलने आया था पर ग्रामीणों ने चोर समझकर पीट दिया है।