किसान सम्मान निधि (सांकेतिक तस्वीर)
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जिले में तीन हजार से अधिक किसानों की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त संदिग्ध और अधूरे डाटा के कारण अटक गई है। इनमें 774 लाभार्थियों का डाटा संदिग्ध है जबकि 1450 आवेदन सत्यापन के लिए लंबित हैं। करीब 795 मामले विरासत संबंधी डाटा से जुड़े हैं। शासन ने सभी लंबित प्रकरणों का 30 सितंबर तक सत्यापन कर डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।
कानपुर में करीब 2.18 लाख किसान पीएम-किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। पंजीकरण के दौरान भूमि स्वामित्व, म्यूटेशन और पहचान संबंधी खामियां मिलने पर संदिग्ध लाभार्थियों का डाटा सत्यापन के लिए जिलों को भेजा गया था। सत्यापन के बाद डाटा दुरुस्त किया जाना है। समय से प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर संबंधित किसानों की पात्रता प्रभावित हो सकती है।
शासन ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लंबित मामलों का सत्यापन कर फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए ब्लॉक, तहसील और जिला स्तर पर माइक्रो प्लान तैयार होगा। किसानों की भागीदारी और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से संदिग्ध डाटा का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। 30 सितंबर तक सत्यापन पूरा कर रिपोर्ट एप पर अपलोड करनी होगी। उप कृषि निदेशक और तहसीलदार साप्ताहिक समीक्षा करेंगे, जबकि रोजाना प्रगति की निगरानी होगी।
शासन के निर्देशों पर लंबित डाटा संबंधित तहसीलों को भेज दिया गया है। जल्द सत्यापन कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। - आरएस वर्मा, उप निदेशक कृषि