शैक्षिक और शोध की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से कानपुर यूनिवर्सिटी ने शुक्रवार को नए कॉलेज खोलने और सीट बढ़ाने पर रोक लगा दी है। यह व्यवस्था सत्र 2017-18 तक लागू रहेगी। यूनिवर्सिटी की एक्जीक्यूटिव काउंसिल की महत्वपूर्ण मीटिंग शुक्रवार को एकेडमिक भवन सभागार में हुई। कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन की अध्यक्षता वाली काउंसिल ने नए शैक्षिक सत्र (2017-18) के नान आब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) जारी करने पर रोक लगा दी। अब संबद्धता से संबंधित एनओसी के आवेदन फार्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे। यह फार्म 31 दिसंबर 2016 तक जमा किए जाने थे। सीट बढ़ोतरी पर भी रोक लगाई गई है। रजिस्ट्रार सैय्यद वकार हुसैन ने बताया कि जिन कॉलेजों के एनओसी फार्म 31 दिसंबर 2015 तक जमा हुए हैं, उनको को एक और मौका दिया जाएगा। नए आवेदन अस्वीकार होंगे।
इन छात्राें की 50 फीसदी फीस हाेगी माफ
कानपुर यूनिवर्सिटी
यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने गरीब स्टूडेंटों की आर्थिक सहायता के लिए पहली बार फंड (पुअर स्टूडेंट) बनाया है। तय किया है कि गरीब मेधावियों की अधिकतम 50 फीसदी फीस माफ की जाएगी। इसके नियम, मानक भी तय कर दिए गए हैं। इसका ब्योरा जल्द ही वेबसाइट kanpuruniversity.org पर उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके अलावा पहली बार रिसर्च फंड बनाया है। साथ ही कहा है कि रेग्युलर, संविदा और अनुबंधित शिक्षकों को 50 हजार से लेकर 10 लाख रुपये तक का रिसर्च प्रोजेक्ट दिया जा सकता है। ऐसा रिसर्च को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
11 जिले अाैर 11 लाख स्टूडेंट
कानपुर यूनिवर्सिटी
यूनिवर्सिटी का दायरा यूपी के 11 जिलों तक फैला है। कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, कन्नौज, फर्रुखाबाद, हरदोई, उन्नाव, लखीमपुर खीरी, रायबरेली और सीतापुर में करीब 1000 डिग्री कॉलेज हैं, जिनमें लगभग 11 लाख स्टूडेंट पढ़ते हैं।