रिटर्न जांच की आवश्यकता नहीं होगी
संशोधित रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा 24 महीने से बढ़ाकर 48 महीने कर दी गई है। धारा 206 एबी-206 सीसीए को समाप्त कर दिया गया है। एक अप्रैल 2025 से रिटर्न जांच की आवश्यकता नहीं होगी। सीए छवि जैन ने बताया कि सेज में स्टोर माल की आपूर्ति को न तो माल और न ही सेवा माना जाएगा, जब तक कि निर्यात या डीटीए के लिए क्लियर न हो।
अपील के लिए 10 प्रतिशत पेनाल्टी जमा करनी होगी
अपील में प्री-डिपॉजिट केवल पेनाल्टी वाले मामलों में अपील के लिए 10 प्रतिशत पेनाल्टी जमा करनी होगी। पहले 25 प्रतिशत जमा करना होता था। वाउचर पर जीएसटी खत्म कर दिया गया है। इस मौके पर उप-संयोजक सीए नितिन सिंह, सीए पीयूष अग्रवाल, दीप कुमार मिश्रा, राजीव गुप्ता , अंकुर गोयल, शरद श्रीवास्तव, विष्णु माहेश्वरी, गुरमीत सिंह, अनिल साहू, शाजिया, नेहा अग्रवाल आदि मौजूद रहे।