फिटनेस और फील्डिंग पर भी जोर
बल्लेबाजी के साथ-साथ शिविर में खिलाड़ियों की शारीरिक फिटनेस को भी परखा गया। मैदान पर चुस्त रहने के लिए खिलाड़ियों को फील्डिंग, कैचिंग और स्ट्रेचिंग का विशेष अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों का मानना है कि इस तरह के नियमित प्रशिक्षण शिविरों से अंडर-15 स्तर के खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत होने और भविष्य के बड़े मुकाबलों के लिए तैयार होने में काफी मदद मिलेगी।