पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शुरू किया अभियान
तभी मंदिर के पास खड़े एक स्थानीय व्यक्ति आवाज सुनकर साड़ी फेंककर उसे बाहर निकाला। रौनक ने तुरंत सूर्या के पिता को फोन कर घटना की जानकारी दी। परिजनों के पहुंचने पर पुलिस को सूचित किया गया। महाराजपुर थाना प्रभारी संजय कुमार पांडेय ने गोताखोरों की टीम बुलाकर स्टीमर से सर्च ऑपरेशन शुरू कराया।
इन्हीं साइकिल से गंगा नहाने पहुंचे थे तीनों किशोर।
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ड्योढ़ी घाट से नजफगढ़ घाट तक हुई तलाशी
रेस्क्यू ऑपरेशन देर रात तक शेखपुर घाट से ड्योढ़ी घाट और नजफगढ़ घाट तक चला, लेकिन दोनों किशोरों का कोई सुराग नहीं मिला। बता दें कि, सूर्या नवीं कक्षा का छात्र था और उसके पिता प्लंबरिंग का कार्य करते हैं। वहीं, कार्तिक सिंह संजीव नगर में अपनी नानी के यहां आया था।
परिजन रो-रोकर बेहाल
वो आठवीं के बाद से प्राइवेट नौकरी कर रहा था। घर पर उसकी बड़ी बहन रिमझिम है। थाना प्रभारी ने बताया कि अंधेरा होने के कारण सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा है। शनिवार को गोताखोरों की टीम दोबारा तलाश शुरू करेगी। घटना से परिजन रो-रोकर बेहाल हैं।