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Kanpur: ट्रिपिंग ने बिगाड़ी चाल…गर्मी में लोग बेहाल, केस्को एमडी बोले- खपत बढ़ी, इसलिए बार-बार जा रही बिजली

Fri, 13 Jun 2025 10:54 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanur News: उमस भरी गर्मी अभी दो दिन और बेहाल करेगी। वहीं, गर्मी के चलते बिजली की डिमांड ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 11 जून को 783 मेगावाट बिजली की डिमांड रही, जबकि बीते साल जून में सर्वाधिक 782 मेगावाट बिजली की डिमांड थी।
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जानकारी देते केस्को एमडी सेमुअल पाल एन - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर शहर में बिजली संकट की सबसे बड़ी समस्या ट्रिपिंग है जिससे बार-बार बिजली आ-जा रही है। बिजली खपत बढ़ने से ऐसा है। 11 जून को शहर में बिजली की सबसे ज्यादा 783 मेगावाट की मांग रही जो इस गर्मी की सबसे अधिकतम है। यह जानकारी गुरुवार को मुख्यालय में केस्को एमडी सैमुअल पॉल ने दी।

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उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में ज्यादा बिजली चोरी हो रही है, वहां ट्रिपिंग की समस्या ज्यादा है। पीक ऑवर्स में जिन सबस्टेशनों और फीडरों का लोड अधिक होता है, वहां रेड टीम के पहुंचने पर लोड कम हो जाता है। रात के वक्त कटिया लगने से लोड बढ़ने पर ट्रिपिंग बढ़ रही है।

मरम्मत करता केस्को कर्मी - फोटो : amar ujala

ट्रिपिंग ने बिगाड़ी बिजली की चाल, गर्मी में लोग बेहाल
शहर में बार-बार की ट्रिपिंग ने बिजली की चाल बिगाड़ दी है। रात में कई घंटे बिजली जाने से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। एक दिन में लगभग 20 से 25 फॉल्ट हो रहे हैं। इसका कारण लोड बढ़ना बताया जा रहा है। वहीं, कर्मचारियों की कमी से फॉल्ट बनाने में देरी होती है। शहर में बिजली का लोड 763 मेगावाट तक पहुंच चुका है।

बिजली चोरी की जांच करती टीम - फोटो : amar ujala
पुरानी लाइनें गर्म होने से हो रहे हैं फॉल्ट
पिछले साल मई व जून के बीच 714 मेगावाट की डिमांड थी। 24 घंटे में आठ से दस बार ट्रिपिंग हो रही है। एक बार ट्रिपिंग के बाद कई घंटे बिजली नहीं आती है। उधर, शहर में 20 साल पुरानी जर्जर लाइनें मुसीबत बनी हैं। पुरानी लाइनें गर्म होने से फॉल्ट हो रहे हैं। हालांकि केस्को की ओर से इन दिनों आरडीएस के तहत पूरे शहर में पुराने तारों को बदलकर नए तार खींचे जा रहे हैं।

तारों की मरम्मत करता बिजलीकर्मी - फोटो : amar ujala
कम हुए हैं बिजली चोरी के मामले
लेकिन, इस गर्मी के दौरान कौशलपुरी, जनरलगंज, कल्याणपुर, बेकनगंज, बिरहाना रोड स्थित दवा मार्केट, साकेतनगर समेत अन्य इलाकों में अभी भी पुराने तारों पर ही सप्लाई हो रही है। इससे यहां फॉल्ट भी ज्यादा होते हैं। कल्याणपुर, चमनगंज, नमक फैक्टरी एरिया, शास्त्रीनगर में पहले की अपेक्षा इस वर्ष बिजली चोरी के मामले कम हुए हैं।

मरम्मत का कार्य करते कर्मचारी - फोटो : amar ujala
इन इलाकों में है सबसे अधिक लोड और लाइन लॉस के केस
शहर के कई सबस्टेशनों पर 50 फीसदी लाइन लॉस रहता था, अब वहां पर 10 से 15 फीसदी लाइन लॉस रह गया है। केस्को की विजिलेंस टीम दिन और रात में अधिक लोड और लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में छापेमारी करके इस पर रोक लगा रही है। वर्तमान में कल्याणपुर, चमनगंज, नमक फैक्टरी एरिया, शास्त्रीनगर, बाबूपुरवा आदि क्षेत्रों में सबसे अधिक लोड और लाइन लॉस के केस हैं।
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चमनगंज क्षेत्र में बिजली चोरी की जांच करते केस्को और विजिलेंस टीम के सदस्य - फोटो : amar ujala
चार साल में बिजली की मांग
  • वर्ष 2021 में मई व जून में 588 मेगावाट।
  • वर्ष 2022 में मई व जून में 688 मेगावाट।
  • वर्ष 2023 में मई व जून में 678 मेगावाट।
  • वर्ष 2024 में मई व जून में 714 मेगावाट।
  • वर्ष 2025 में मई व जून में 783 मेगावाट।
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