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Kanpur: ट्रांसपोर्टर की संदिग्ध हालात में मौत, रीजेंसी के बाहर शव छोड़ भागे युवक-युवती

Mon, 19 Jan 2026 09:53 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

शनिवार की शाम घर में चित्रकूट जाने की बात कहकर अपनी कार से निकले थे। ट्रांसपोर्टर के मोबाइल से ही युवक-युवती ने बड़े भाई को फोन कर अस्पताल बुलाया। 
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मृतक की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर देहात के अकबरपुर के ग्राम जैनपुर के रहने वाले ट्रांसपोर्टर मनीष यादव (39) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। वह परिजनों से शनिवार की शाम चित्रकूट जाने की बात कहकर अपनी ब्रीजा कार से निकले थे। बड़े भाई सुनील कुमार का आरोप है कि रविवार देर रात 2:30 बजे मनीष के मोबाइल नंबर से एक युवती नेे फोन कर तुरंत रीजेंसी अस्पताल पहुंचने की बात कही। कुछ देर बाद एक युवक ने भी कॉल कर जल्दी आने की बात कही और फिर मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया। जब तक वे लोग पहुंचे मनीष का शव रीजेंसी के बाहर खड़ी एंबुलेंस में मिला और कॉल करने वाले युवक-युवती छोड़कर भाग चुके थे। ट्रांसपोर्टर की कार भी अस्पताल के बाहर ही खड़ी मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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ट्रांसपोर्टर मनीष यादव के परिवार में पत्नी अनामिका बेटी पायल व बेटे करन, अर्जुन हैं। भाई सुनील ने पुलिस को बताया कि मनीष का जैनपुर नाम से ट्रांसपोर्ट है। रीजेंसी में अस्पताल के गार्ड से बातचीत की तो पता चला कि एक युवक और युवती उसे लेकर आए थे। इसके बाद वह कहां चले गए पता नहीं। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर मौके पर पहुंची काकादेव पुलिस ने सीसी फुटेज देखे जिसमें दो युवक अस्पताल में संदिग्ध नजर आए। सुनील ने बताया कि कार में मनीष के दोनों मोबाइल स्विच ऑफ पड़े थे। उनके खाते में 10 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। काकादेव इंस्पेक्टर राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि जांच में पता चला है कि मनीष कल्याणपुर के गूबा गार्डेन में किसी जन्मदिन पार्टी में गए थे। वहां उनके साथ क्या हुआ इसकी जानकारी नहीं है। घटना कल्याणपुर क्षेत्र की है जांच वहीं से शुरू होगी। वहीं, पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित किया गया। मामले में कल्याणपुर इंस्पेक्टर राजेंद्रकांत शुक्ला ने बताया कि परिजन अगर तहरीर देंगे तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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गमगीन परिजन - फोटो : अमर उजाला
ट्रांसपोर्ट में काम करने वाले पूर्व कर्मी पर शक
परिजनों के अनुसार मनीष के ट्रांसपोर्ट में कई कर्मचारी काम करते हैं। एक आध लोग पूर्व में काम छोड़ चुके हैं। आरोप लगाया कि घटना के बाद अस्पताल में ट्रांसपोर्ट में काम छोड़ चुका युवक भी नजर आया है। सीसी कैमरों से बचने के लिए युवक-युवती ने अपने दो अन्य साथी युवकों को अस्पताल के भीतर कार्रवाई के लिए भेजा था। वह कौन लोग हैं पुलिस जानकारी जुटा रही है।

मेरे बाबा... पापा को भेज दो
पोस्टमार्टम हाउस पहुंची मनीष की बेटी पायल पिता की कार के डैसबोर्ड में लगी भगवान की मूर्ति हाथ में लेकर बिलखने लगी। चिल्ला-चिल्लाकर भगवान से मिन्नत करती रही कि अरे मेरे बाबा... पापा को भेज दो। पापा कहीं भी जाने से पहले कार में आप पर फूल चढ़ाते थे। हम लोगों का अब क्या होगा। परिजन बदहवास बेटी को शांत कराते नजर आए।
 
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