कानपुर देहात के अकबरपुर के ग्राम जैनपुर के रहने वाले ट्रांसपोर्टर मनीष यादव (39) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। वह परिजनों से शनिवार की शाम चित्रकूट जाने की बात कहकर अपनी ब्रीजा कार से निकले थे। बड़े भाई सुनील कुमार का आरोप है कि रविवार देर रात 2:30 बजे मनीष के मोबाइल नंबर से एक युवती नेे फोन कर तुरंत रीजेंसी अस्पताल पहुंचने की बात कही। कुछ देर बाद एक युवक ने भी कॉल कर जल्दी आने की बात कही और फिर मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया। जब तक वे लोग पहुंचे मनीष का शव रीजेंसी के बाहर खड़ी एंबुलेंस में मिला और कॉल करने वाले युवक-युवती छोड़कर भाग चुके थे। ट्रांसपोर्टर की कार भी अस्पताल के बाहर ही खड़ी मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
ट्रांसपोर्टर मनीष यादव के परिवार में पत्नी अनामिका बेटी पायल व बेटे करन, अर्जुन हैं। भाई सुनील ने पुलिस को बताया कि मनीष का जैनपुर नाम से ट्रांसपोर्ट है। रीजेंसी में अस्पताल के गार्ड से बातचीत की तो पता चला कि एक युवक और युवती उसे लेकर आए थे। इसके बाद वह कहां चले गए पता नहीं। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर मौके पर पहुंची काकादेव पुलिस ने सीसी फुटेज देखे जिसमें दो युवक अस्पताल में संदिग्ध नजर आए। सुनील ने बताया कि कार में मनीष के दोनों मोबाइल स्विच ऑफ पड़े थे। उनके खाते में 10 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। काकादेव इंस्पेक्टर राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि जांच में पता चला है कि मनीष कल्याणपुर के गूबा गार्डेन में किसी जन्मदिन पार्टी में गए थे। वहां उनके साथ क्या हुआ इसकी जानकारी नहीं है। घटना कल्याणपुर क्षेत्र की है जांच वहीं से शुरू होगी। वहीं, पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित किया गया। मामले में कल्याणपुर इंस्पेक्टर राजेंद्रकांत शुक्ला ने बताया कि परिजन अगर तहरीर देंगे तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।