नहीं हो पा रहा वैट संबंधित पुराने मामलों का निस्तारण
पवन गुप्ता ने कहा कि कानपुर को औद्योगिक राजधानी कहा जाता है। और यहां के व्यापारी इस समस्या के कारण बहुत परेशान हैं। कई व्यापारियों के रिफंड नहीं प्रॉसेस हो पा रहे या वैट संबंधित पुराने मामलों का निस्तारण भी नहीं हो पा रहा है। इस दौरान वर्षों के एक्स पार्टी में डायरेक्ट अपील नहीं सेक्शन 32 पहले की तरह लागू करने की मांग उठाई।
सर्वर बंद होने की बात को माना
जुलाई 2017 ( जीएसटी लागू होने ) के पहले के केस ना खोले जाने, एरियावार कार्यक्षेत्र का परिसीमन स्पष्ट रूप से दिखना चाहिए ताकि करदाता व्यापारी परेशान न हो। ईवे बिल में मामूली गलती पर वाहन ना रोके जाने, जीएसटी पंजीकरण में सेक्टर गलत लिखने पर पंजीकरण कैंसिल न किए जाने की मांग उठाई। एडिशनल कमिश्नर ने सर्वर बंद होने की बात को माना और आश्वासन दिया कि तत्काल शासन को लिखा जाएगा।
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सेक्टर लिखने की गलती पर पंजीकरण रद्द नहीं होगा
साथ ही, उन्होंने आश्वासन दिया कि उनके रहते ई-वे बिल के मामले में किसी व्यापारी का उत्पीड़न नहीं होने देंगे। कार्य विभाजन और परिसीमन स्पष्ट रूप से कार्यालय में डिस्प्ले किया जाएगा। सेक्टर लिखने की गलती पर पंजीकरण रद्द नहीं होगा। एकपक्षीय कर निर्धारण पर सेक्शन 32 वाली कार्यवाही पुनः शुरू करने पर अधिकारी भी सहमत हैं। अन्य सभी मुद्दों को भी शासन से तत्काल उठाया जाएगा।