इस बांड पर अपनी तहसील के रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर और स्टांप लगवाने को कहते हैं। ग्राहक यह करा नहीं पाता और उसकी दी गई रकम हड़प कर लेते। आरोपियों ने बताया कि पकड़े जाने के डर से वे दूसरे जिले के लोगों को अपना शिकार बनाते थे। ठगी के शिकार लोग शिकायत दर्ज कराने कानपुर बहुत ही कम आते थे।
ये हुई बरामदगी
छह मोबाइल, फर्जी कंपनी के तीन आईकार्ड, चार आधार कार्ड, सात पैन कार्ड, आठ निर्वाचन कार्ड, 13 डेबिट कार्ड, दो मास्टर कार्ड, चार सिमकार्ड, 14 मुहर, 21 आवेदन पत्र, 28 चेकबुक, प्रचार सामग्री, आवेदन फार्म, लेटर पैड, रसीदी बुक, लैपटॉप, कंपनी के फार्म, एमएसएमई एप पर फाइनेंस कंपनी के फार्म, दो क्रेडिट कार्ड, प्लेटिनम कार्ड, कई फर्जी दस्तावेज।