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Kanpur: उर्सला में ऑपरेशन के दौरान टूटी जांघ की हड्डी, भागते डॉक्टर को तीमारदारों ने पकड़ा, पढ़ें पूरा मामला

Sat, 08 Aug 2026 10:39 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: उर्सला अस्पताल में कूल्हे की रॉड निकलवाने आई 15 वर्षीय किशोरी के ऑपरेशन के दौरान सीनियर ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. सुनील गुप्ता की लापरवाही से जांघ की हड्डी टूट गई। इसके बाद डॉक्टर के भागने पर तीमारदारों ने उन्हें घेर लिया और काफी हंगामे व आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।
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उर्सला अस्पताल - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर के उर्सला अस्पताल में एक डॉक्टर की लापरवाही और अमानवीय रवैये सामने आया। फ्रैक्चर के कारण चार साल पहले 15 वर्षीय किशोरी के कूल्हे में रॉड डाली गई थी। शुक्रवार को इस रॉड को निकालने के लिए सीनियर ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. सुनील गुप्ता ऑपरेशन कर रहे थे। इसी दौरान किशोरी की जांघ की हड्डी टूट गई।

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हद तो तब हो गई जब डॉक्टर अपनी गलती मानने के बजाय मरीज को बदहवास छोड़कर मौके से भागने लगे। तीमारदारों ने डॉक्टर को अस्पताल गेट पर ही दबोच लिया। तीमारदारों के बढ़ते आक्रोश को देख डॉक्टर बैकफुट पर आए और आश्वासन दिया कि वे शनिवार को मरीज का इलाज करेंगे, तब जाकर मामला शांत हुआ।

किशोरी की जांघ की हड्डी टूट गई
जाजमऊ निवासी 15 वर्षीय रिंसा कूल्हे में पड़े इंप्लांट को निकलवाने के लिए शुक्रवार को उर्सला पहुंची थी। डॉ. सुनील गुप्ता जब उसका ऑपरेशन कर रहे थे तभी लापरवाही के कारण किशोरी की जांघ की हड्डी (फीमर बोन) टूट गई। दर्द से किशोरी चिल्लाने लगी, तो डॉक्टर ओटी से बाहर आए और हाथ खड़े करते हुए कह दिया, हम अब इसका इलाज नहीं कर पाएंगे।

चुपके से खिसकने लगे डॉक्टर
अचानक हुई इस घटना से परिजन का गुस्सा फूट पड़ा। माहौल बिगड़ता देख डॉ. सुनील गुप्ता अस्पताल के पीछे स्थित एमआरआई गेट के रास्ते चुपके से खिसकने लगे। डॉक्टर को भागता देख तीमारदारों ने पीछा कर गेट के पास ही उन्हें घेरकर पकड़ लिया। इस दौरान उनकी डॉक्टर से साथ तीखी नोकझोंक हुई। डॉक्टर और परिजन के बीच बहस का वीडियो वायरल हो रहा है।

अक्सर विवादों में रहता है सुनील गुप्ता का व्यवहार
वीडियो में डॉक्टर कह रहे हैं, लड़की की हड्डी कमजोर थी, टूट गई। तीमारदार कह रहे थे कि अभी भागते समय आप पैसे वापस करने की बात कह रहे थे पर हम इलाज कराकर ही जाएंगे। काफी हंगामे के बाद डॉक्टर शनिवार को इलाज करने के लिए तैयार हुए। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, लेवल-वन के डॉक्टर होने के बावजूद डॉ. सुनील गुप्ता का व्यवहार अक्सर विवादों में रहता है।
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निदेशक बोलीं- जानकारी कर कार्रवाई करेंगी
मरीज, तीमारदार और अस्पताल के स्टाफ के साथ आए दिन उनका झगड़ा होता रहता है। इस मामले में डॉ. सुनील गुप्ता का पक्ष जानने के लिए कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। अस्पताल निदेशक डॉ. सीमा श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें अभी इसकी कोई जानकारी नहीं है। जानकारी कर वह कार्रवाई करेंगी।
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