सांसद रमेश अवस्थी ने सेंट्रल स्टेशन का निरीक्षण किया
- फोटो : अमर उजाला
सेंट्रल स्टेशन परिसर में 55 करोड़ के बजट से कराए जा रहे निर्माण कार्य का पहला चरण 26 अक्तूबर तक पूरा हो जाएगा। यह जानकारी बुधवार को कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे सांसद रमेश अवस्थी ने दी है। बताया कि स्टेशन परिसर के बाहर सिटी साइड में घंटाघर से लेकर टाटमिल के बीच अतिक्रमण हटाकर सड़क चाैड़ी की जाएगी। इसी तरह रेल बाजार की तरफ से सुंदरीकरण का काम होगा।
बताया कि सिटी साइड में नगर निगम और रेल बाजार साइड में कैंट बोर्ड सुंदरीकरण का काम करेगा। इसके लिए जल्द ही रेलवे, निगम और कैंट बोर्ड अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरा प्लान तैयार किया जाएगा। रेलवे के अधिशासी अभियंता आरके पांडे ने बताया कि स्टेशन परिसर का निर्माण कार्य दो चरणों में किया जाएगा। अंतिम चरण अप्रैल 2027 तक पूरा हो जाएगा। योजना के तहत यहां पर स्टेशन परिसर में मॉल, होटल, मल्टीप्लेक्स भी बनाया जा रहा है। स्टेशन के आसपास अतिक्रमण हटाकर वहां पर काॅरिडोर जैसा निर्माण कराने के लिए सांसद और अधिकारियों के बीच सहमति बनी। इस संबंध में सांसद की ओर मुख्यमंत्री को भी जानकारी दी जाएगी।
सांसद ने बताया कि सेंट्रल के पास मेट्रो का सफर करने के लिए प्लेटफार्म एक पर भी टिकट विंडो बनाई जाएगी ताकि स्टेशन के अंदर से लोग सिटी साइड आ सकें। इस माैके पर डिप्टी सीटीएम सिंह, स्टेशन अधीक्षक अवधेश द्विवेदी, पूर्व विधायक रघुनंदन भदौरिया सहित कई लोग माैजूद रहे।
सांसद रमेश अवस्थी ने निरीक्षण किया
- फोटो : अमर उजाला
एयरपोर्ट की तर्ज पर हो रहा विकसित
सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्रालय के संकल्प से सेंट्रल स्टेशन को आधुनिक स्वरूप में एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। यह नवनिर्मित स्टेशन देश में अपनी खोई पहचान वापस लाएगा और यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।
सांसद रमेश अवस्थी ने सेंट्रल स्टेशन का निरीक्षण किया
- फोटो : अमर उजाला
जलभराव से जल्द मिलेगी निजात
इस दौरान सिटी साइट पर जलभराव का मुद्दा भी उठाया गया। अधिशासी अभियंता ने कहा कि निर्माण कार्य की वजह से ऐसा हो रहा है। छह माह पहले नगर निगम अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया था। तब सुतरखाना छोर के नाले में पाइप डालकर पानी निकासी की व्यवस्था करने की योजना बनी थी लेकिन वह नाला भी चोक पड़ा है। सांसद ने कहा कि दिशा की बैठक में डीएम के साथ जलकल व नगर निगम अधिकारियों से इस पर विचार किया जाएगा।