पुलिस कमिश्नर के मुताबिक टीम लगभग एक महीने से इलाके को ट्रेस कर रही थी। ड्रोन की मदद से खेतों और झोपड़ियों की निगरानी कराई गई। मंगलवार को रेउना, सजेती, घाटमपुर, सेन पश्चिमपारा, बिधनू, साइबर क्राइम ब्रांच और एसओजी की टीमों को आरोपियों को दबोचने के लिए भेजा गया। दोपहर लगभग 12:30 बजे 20 चार पहिया वाहनों और 15 दोपहिया वाहनों से भारी पुलिस बल रठिगांव पुल के नजदीक पहुंचा। यहां से दो ड्रोन के जरिये लाले बाबा मंदिर के बाग में कुछ युवकों की सक्रियता नजर आई।
कुछ युवक अलग-अलग दूरी पर निगरानी करते दिखे। फोर्स ने पहले बाग को चारों तरफ से घेर लिया। इस बीच कुछ युवक वहां बनी झोपड़ी के अंदर जाते नजर आए। पुलिसकर्मियों ने इशारा मिलते ही दबिश दी। एकाएक कार्रवाई से युवकों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने 20 युवकों को दबोच लिया जबकि 14 भागने में कामयाब रहे।
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ग्रामीणों ने शातिरों को छोड़ने की मांग की
पुलिस की कार्रवाई की सूचना आरोपियों में से किसी ने ग्रामीणों को दे दी। कुछ ही मिनटों में गांव की महिलाएं और पुरुष एकत्रित हो गए। उन्होंने पुलिस से युवकों को छोड़ने की मांग की। कई महिलाएं पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की करने लगीं। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक कंट्रोल रूम में मैसेज कर दक्षिण जोन का और फोर्स बुलवाया गया। एक बटालियन पीएसी भी आ गई। देर रात तक ग्रामीणों और पुलिस के बीच नोकझोंक जारी रही। पुलिस ने सख्ती कर आरोपियों को दूसरे थाने में शिफ्ट करवा दिया। आरोपियों के पास से 16 मोबाइल, चार कीपैड फोन, 12 फर्जी आधार कार्ड, 4480 रुपये मिले हैं। रेउना थाने में 34 शातिरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
गिरोह के इन सदस्यों की हुई गिरफ्तारी
रेउना क्षेत्र के राहुल कुमार, नीरज कुमार, प्रदीप सिंह, सतेंद्र, नीरज कुमार, प्रांशु, जगरूप सिंह, रोहित कुमार, पुष्पेंद्र सिंह, अजीत कुमार, कुलदीप, नरेश उर्फ शिवनाथ, ज्ञान प्रकाश यादव, रोमी, नीरज कुमार, शैलेंद्र कुमार, धीरज कुमार, शिवकांत, पारस कुमार।