आयोजकों से फुटेज और फोटो ली जाएगी
इस दौरान उसने काफी लोगों से मुलाकात की, इसकी जानकारी जांच एजेंसियों को हुई है। अब इस बात का पता लगाया जा रहा है कि इस दौरान कोई बड़ी साजिश तो नहीं रची गई। उन कार्यक्रमों में कश्मीर के कुछ युवकों के शामिल होने का अंदेशा है] जिसके लिए आयोजकों से फुटेज और फोटो ली जाएगी। जांच एजेंसियां तस्दीक में जुटी हैं कि कहीं उस कार्यक्रम में डॉ. उमर या डॉ. आरिफ तो शामिल नहीं हुए थे।
खंगाले जा रहे सीसीटीवी कैमरे
जांच एजेंसियां कमिश्नरी पुलिस के सहयोग से एक से डेढ़ महीने पहले के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तलाश रही हैं। उनको कुछ इनपुट मिले हैं, जिसकी मदद से डॉ. शाहीन, डॉ. परवेज और अन्य के साथ जुड़े लोगों की पहचान कराई जा रही है। यह सीसीटीवी कैमरे संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों के हैं।
क्राइम ब्रांच और स्वॉट लगाई
कमिश्नरी पुलिस ने डॉ. शाहीन और उससे जुड़े लोगाें की पड़ताल में क्राइम ब्रांच और स्वॉट टीमें लगा दी हैं। यह जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, सैफई मेडिकल कॉलेज, कन्नौज मेडिकल कॉलेज समेत अन्य कॉलेजों की जांच में जुट गई हैं। टीमों ने कई डॉक्टरों की कॉल डाटा रिकार्ड निकलवाए हैं। उनसे डॉ. शाहीन के बातचीत होने के सुराग मिले थे।