जमीन न मिलने से काम शुरू नहीं हुआ
कंपनी काम पूरा नहीं कर पाई इसलिए उसे हटा दिया गया। तीन साल पहले सीयूजीएल कंपनी ने कूड़े से गैस प्लांट लगाने की बात कही, लेकिन जमीन न मिलने से काम शुरू नहीं हुआ। नगर निगम सदन में सीयूजीएल के अनुबंध पर सवाल उठे और उसे निरस्त करने की मांग की गई। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय इसी संबंध में मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार से मिलने लखनऊ गए।
पनकी में कूड़े के ढेर में लगी भीषण आग
- फोटो : amar ujala
नाम पर अभी मुहर नहीं लग पाई है
इसके बाद नगर निगम ने कूड़ा निस्तारण के लिए नए टेंडर मांगे। ईस्टर्न ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्राइवेट लिमिटेड, एनवायर्नमेंटल टेक्नो और भूमि ग्रीन कंपनी ने टेंडर डाले। भूमि ग्रीन तकनीकी बिड में अयोग्य हो गई। वित्तीय बिड में ईस्टर्न ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्राइवेट लिमिटेड ने सबसे कम धनराशि की पेशकश की। एनआईसी वेबसाइट में गत दिवस इस टेंडर की जानकारी अपलोड होने के बावजूद पहले नंबर पर आई कंपनी के नाम पर अभी मुहर नहीं लग पाई है।
बदुआपुर स्थित प्लांट में कूड़े में लगी आग बुझा दी गई है। कूड़ा निस्तारण के लिए टेंडर कमेटी की स्वीकृति के बिना कंपनी का नाम घोषित नहीं होगा। कमेटी दरों की समीक्षा कर सकती है या दोबारा टेंडर भी करा सकती है। -कमलेश पटेल, प्रभारी अभियंता कूड़ा निस्तारण प्लांट, अधिशासी अभियंता जोन-पांच, नगर निगम
पनकी में प्लांट के पास लगा कूड़े का पहाड़
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कूड़ा जलने से कार्बन मोनो आक्साइड सहित दूसरी जहरीली गैसें निकलती हैं। इनसे खतरनाक किस्म का वायु प्रदूषण होता है। ऐसे धुएं में सांस लेने से सांस, त्वचा की बीमारी, कैंसर जैसे घातक रोक हो सकते हैं। -डॉ. जेएस कुशवाहा, मेडिसिन विभाग, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज
गर्मी शुरू होते ही कूड़ा निस्तारण प्लांट में आग ज्यादा लगने लगी है। इससे उठने वाले धुएं से बदुआपुर गांव में रहना मुश्किल होने लगा है। यह गांव प्लांट से सटा है।
-मंजू देवी, बदुआपुर
कूड़ा निस्तारण प्लांट गांव के लिए अभिशाप बन गया है। कई साल से यही स्थित है। बताते हैं गर्मी में कूड़े में मीथेन गैस बनती है, जिसकी वजह से आग लग जाती है। स्थिति बदतर होती जा रही है। -रामकली, बदुआपुर