कानपुर के बर्रा में ठेकेदार सुनील सिंह की हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के आरोप में पुलिस ने सोनू की पत्नी केसरी, मां चुन्नी देवी व पिता रामकुमार विश्वकर्मा को भी आरोपी बनाया है। आरोपी की पत्नी व मां को पुलिस ने जेल भेज दिया, जबकि पिता स्कूटी समेत फरार है।
इसी स्कूटी से ठेकेदार का शव आरोपियों ने ठिकाने लगाया था। बर्रा सात निवासी ठेकेदार सुनील सिंह की कालोनी पर कब्जा करने के इरादे से सोनू और भाई मोनू विश्वकर्मा पर उनकी हत्या करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार दोनों भाई शव को बोरी में भरकर ठिकाने लगाने निकल गए थे तो दूसरी तरफ परिवार वाले साक्ष्य मिटाने में जुट गए थे।
महिलाओं ने फर्श पर पड़े खून के निशान मिटाने के लिए पूरी कालोनी की धुलाई की। हत्यारोपियों के कपड़ों को भी धो डाला। पुलिस ने जब दोनों भाइयों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था, तभी से रामकुमार सफेद स्कूटी लेकर फरार हो गया था। आरोपियों ने ठेकेदार के कपड़े बोरी में बांधकर बर्रा चार स्थित रफाका नाले में फेंकने की बात कही थी। इसे लेकर शनिवार को भी पुलिस ने नाले में सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि, बोरी का कुछ पता नहीं चल सका।