निष्कासित पार्षदाें ने प्रभारी मंत्री से की मुलाकात
- फोटो : अमर उजाला
नगर निगम से निष्कासित पार्षदाें बनाम महापाैर के पुत्र अमित पांडेय बंटी के बीच का मामला प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के सामने रविवार को भी नहीं निपटा सका। उन्होंने दोनों पक्षों को अलग-अलग बुलाकर पूरी बात सुनी। तय किया कि वह छह जनवरी को दोबारा कानपुर आकर यहां रात में रुकेंगे। उसी दिन पार्टी के अध्यक्षों, महापाैर की माैजूदगी में दोनों पक्षों को बैठाकर बात होगी। प्रभारी मंत्री ने साफ ताैर पर कहा कि मामले में भाजपा संगठन जो फैसला लेगा, वही मान्य हाेगा।
सुबह सर्किट हाउस में निष्कासित पार्षद पवन गुप्ता, अंकित माैर्य के अलावा इनके गुट के पार्षद आलाेक पांडेय, विकास जायसवाल, लक्ष्मी कोरी, हरिस्वरूप तिवारी से प्रभारी मंत्री ने एक-एक करके बात की। पहले तय हुआ कि मामले के संबंध में लखनऊ में बैठक होगी लेकिन शाम के समय उन्होंने दूसरे पक्ष महापाैर के बेटे बंटी को भी बुलाया। बंटी के साथ करीब 12 पार्षद पहुंचे। इस दाैरान जब प्रभारी मंत्री ने पूरा मामला जानना चाहा तो बंटी ने कहा कि दोनों की सीबीआई जांच करा ली जाए।
इस पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि सीबीआई नहीं, इसकी जांच संगठन करेगा। संगठन का फैसला ही मानना होगा। उन्होंने दोनों पक्षों से लिखित में शिकायतें लीं। इस माैके पर पार्टी के उत्तर इकाई जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित भी माैजूद रहे। उनसे भी इस संबंध में मंत्री ने बात की। इसी बीच प्रभारी मंत्री को बेटे की शादी के आशीर्वाद समारोह का आमंत्रण देने पहुंचे सांसद रमेश अवस्थी से भी उन्होंने जब इस मामले में जानकारी चाही तो सांसद ने कहा कि उनका नगर निगम की आंतरिक राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामले खत्म होने चाहिए।