महाठग रविंद्र नाथ सोनी रविवार शाम चार बजे वापस जेल भेज दिया गया। उसकी छह दिन की रिमांड अवधि शाम चार बजे खत्म हो गई। हालांकि, नौ दिसंबर को सुबह 11 बजे पुलिस कस्टडी रिमांड में आने के बाद से उसने कई अहम जानकारी दी हैं। इस अवधि में पुलिस ने कई साक्ष्य भी जुटाए हैं। इसमें सबसे अहम जानकारी है कि रविंद्र के क्रिप्टो खजाने की चाभी यानी पासवर्ड उसके दो साथियों के पास हैं।
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मामले की विवेचना कर रही टीम के अनुसार रविंद्र का साथी सूरज जुमानी और टेक्निकल विंग देखने वाला दक्षिण भारत निवासी विभाष त्रिवेदी को उसके क्रिप्टो में किए गए सारे निवेश की जानकारी है। दोनों के पास इससे जुड़े पासवर्ड हैं। जापानी कंपनियों की रकम फंसने पर उन लोगो से जान का खतरा होने की आशंका पर महाठग ने पहली पत्नी स्वाति को और सूरज जुमानी को जापान भेजा था। माना जा रहा है कि सूरज ने इसी पासवर्ड के इस्तेमाल से जापानियों को रकम लौटाई थी। वहीं, रिमांड के दौरान आरोपी को देहरादून ले गई टीम ने वहां से आरोपी के बैंक खातों, कंपनी से जुड़े कई दस्तावेज और उसके करीबियों के बारे में जानकारी जुटाई।
देहरादून में उसे नौ स्थानों पर ले जाया गया जहां करीब 20 से अधिक लोगों से उसका सामना कराया गया। देहरादून में ज्यादा समय लगने की वजह से एसआईटी उसे दिल्ली नहीं ले जा सकी है। कंपनी को वहां उसकी एक ब्रीजा कार मिली है जिसे टीम केस प्रापर्टी के रूप में साथ ले आई है। कानपुर लाने के बाद उससे कुछ लोगों का आमना सामना कराया गया। वहां मिले लैपटॉप, मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की टेक्निकल टीम जांच कर रही है।
फिलहाल, रविंद्र सोनी के पासपोर्ट, उसकी विदेश यात्राएं, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और उसके संबंधों की जांच शुरू की गई है। वहीं, मामले में डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि साक्ष्यों को देखा जा रहा है। जरूरत पड़ने पर आरोपी को दोबारा कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में अर्जी पेश की जा सकती है।
दुबई के मीना बाजार से दिल्ली तक हुआ हवाला कारोबार
महाठग रविंद्र सोनी सिर्फ ठगी ही नहीं हवाला कारोबार से भी जुड़ा है। अब तक की जांच में पुलिस को उसके दुबई के मीना बाजार से लेकर दिल्ली तक हवाला में रकम के लेनदेन करने के सुबूत मिले हैं। यह रकम सिर्फ रुपयों में नहीं बल्कि डॉलर में भी ली दी गई है। इसके अलावा आरोपी महाठग के पुलिस को नोएडा, विशाखापट्टनम, दुबई से लेकर पाकिस्तान तक कॉल सेंटर संचालित होने की जानकारी मिली है। इनमें से नोएडा और विशाखापट्टनम के कॉल सेंटर पर कुछ माह पहले रेड भी पड़ चुकी है। हालांकि, वह दूसरे मामलों के चलते पड़ी थी।