पार्क में तब्दील हुए भूखंड में बुलडोजर चलाकर केडीए ने पेड़, बाउंड्री, पाथवे तोड़े।साकेतनगर में केडीए को कार्रवाई करते देख इलाकाई लोग बुलडोजर के आगे आए।
केडीए ने मंगलवार को साकेतनगर में 41 साल बाद विद्यालय को आवंटित जमीन खाली कराई। पार्क में तब्दील हुए भूखंड में प्रवर्तन दस्ते ने एक साथ चार बुलडोजर चलाकर पेड़, पाथवे, बाउंड्री तोड़ी। इलाकाई लोगों ने बुलडोजर के आगे आकर विरोध किया। वे कार्रवाई रोकने की मांग कर रहे थे। प्राधिकरण अफसरों और पुलिस ने विरोध करने वालों को हटाकर शाम तक ध्वस्तीकरण किया। इससे पहले भी केडीए तीन बार इस भूखंड को खाली कराने पहुंचा था, पर स्थानीय लोगों के विरोध के चलते बैरंग लौट गया था।
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केडीए ने जवाहर विद्या समिति को 1984 में साकेतनगर में 5132 वर्ग मीटर का भूखंड आवंटित किया था। बाद में खाली जमीन देख लोगों ने इसमें पौधे लगाए। पाथवे और बाउंड्री बनी।। धीरे - धीरे यह पार्क सा नजर आने लगा। उधर, जवाहर विद्या समिति इस भूखंड पर कब्जे के लिए उच्च न्यायालय, सर्वोच्य न्यायालय गई। जवाहर विद्या समिति के प्रबंधक आशीष शुक्ला ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 10 जुलाई 2023 को समिति को इस भूखंड का कब्जा देने का आदेश दिया, लेकिन स्थानीय नागरिकों के विरोध के चलते केडीए प्रवर्तन दस्ते को वहां से तीन बार बैरंग लौटना पड़ा।
केडीए ने की कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
बाद में कुछ क्षेत्रवासी एनजीटी चले गए। राष्ट्रीय हरित आयोग ने अपने आदेश में उक्त भूमि को विद्यालय की भूमि मानते हुए पेड़ काटने का आदेश जिला वन अधिकारी, कानपुर नगर को दिया। जिला वन अधिकारी ने पेड़ काटने के लिए केडीए से 11,98,391 रुपये जमा कराए। पेड़ काटने की अनुमति दी। इसके बाद केडीए ने पेड़ काटने का ठेका दिया।
केडीए ने की कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
उधर, केडीए दस्ता सुबह इस भूखंड पर कब्जा दिलाने के लिए किदवईनगर थाने पहुंचा। दोपहर में फोर्स मिलने पर केडीए के विशेष कार्याधिकारी सत शुक्ला, जोन - 3 के प्रवर्तन प्रभारी अतुल राय, इसी जोन की सिविल की प्रभारी अभियंता माधवी कुशवाहा दस्ते और चार जेसीबी सहित मौके पर पहुंचे।
केडीए ने की कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
दस्ता देख वहां क्षेत्र के तमाम लोग एकत्रित हो गए। वे जेसीबी के सामने खड़े होकर कार्रवाई का विरोध कर रहे थे। केडीए अफसरों पर आरोप भी लगाए। केडीए अफसरों से उनकी बहस भी हुई। इसके बाद भूखंड पर चारों तरफ से चारों बुलडोजर लगाकर ध्वस्तीकरण शुरू किया गया।
केडीए जोन - 3 के प्रवर्तन प्रभारी अतुल राय ने बताया कि इस भूखंड कीी बाउंड्री, पाथवे और कुछ पेड़ तोड़े गए हैं। एनजीटी की परमीशन से पेड़ तोड़े गए हैं। बड़े पेड़ काटने का ठेका दिया गया है।