बचा तो फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली
उनके दो बेटे मार्तण्ड और मांडव हैं। उन्होंने बताया कि रोज की तरह ओमेंद्र सोमवार रात नौ बजे काम से घर लौटा था। परिवार के लोग प्रथम तल पर थे, वहीं ओमेंद्र दूसरे तल पर बने कमरे में चला गया। इसके बाद उसने पहले हाथ की नस काटी। वह उससे बचा तो फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
मेरी मौत का जिम्मेदार....जय योगी बाबा की
पुलिस को जांच पड़ताल में कमरे से दो पन्ने का सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा था कि दिव्येंद्र सचान उनके साथ बिजनेस करता है। चार पांच साल से वह उनके साथ धोखाधड़ी कर रहा था। इस कारण बहुत आहत हूं। इसी कारण वह यह कदम उठाने जा रहे हैं। उनकी मौत का जिम्मेदार दिव्येंद्र है।
http://
तहरीर मिलने पर दर्ज की जाएगी प्राथमिकी
वहीं, दूसरे पन्ने पर लिखा कि मेरे घर परिवार के लोगों का इसमें कोई हाथ नहीं है... उनको कतई परेशान ना किया जाए.... जय योगी बाबा की। बर्रा इंस्पेक्टर रवींद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।