कानपुर में बाइक ट्रांसफर न होने पर वापस करने पहुंचे सिपाहियों को फाइनेंसर ने अपने साथियों के साथ मिलकर बंधक बनाया और पीट दिया। मदद को पहुंची महिला सिपाहियों से भी हाथापाई की। आरोप है कि सिपाही थाने पहुंचे तो इंस्पेक्टर ने उल्टा उन्हेें ही फटकार लगाई और आरोपियों को बगैर कार्रवाई छोड़ दिया। एसपी साउथ ने जानकारी कराकर कार्रवाई की बात कही है।
नौबस्ता थाना क्षेत्र में एक फाइनेंसर खिंची गाड़ियों की बिक्री करता है। एक सप्ताह पहले पुलिस लाइन में तैनात सिपाही ने उससे 35 हजार में एक बाइक खरीदी थी। बाइक ट्रांसफर न हो पाने के कारण रविवार को सिपाही नौबस्ता थाने की प्राइवेट टीम में तैनात मित्र सिपाही के साथ वापस करने पहुंचा।
किसी बात पर फाइनेंसर का सिपाहियों से झगड़ा हो गया। आरोप है कि फाइनेंसर ने भाई और साथियों की मदद से दोनों सिपाहियों को बंधक बनाकर पीटा। सूचना पर नौबस्ता पुलिस पहुंची तो फ ाइनेंसर ने उनके साथ भी अभद्रता कर दी। पुलिस तीन युवकों व एक युवती को थाने ले आई। सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर भी ले आई। उधर, युवती को छुड़वाने के लिए पुलिस के विरोध में थाने में भीड़ जुटने लगी। यह देख थाना प्रभारी कुंज बिहारी ने पीड़ित सिपाहियों को फटकार लगाकर सभी को छोड़ दिया।