महापौर मंगलवार को दलबल के साथ परेड चौराहा पहुंची तो अचंभित रह गईं। अफसरों की हीलाहवाली की वजह से यहां 21 दिन पहले हटाया गया अतिक्रमण फिर हो गया था। महापौर ने नाराजगी जताते हुए फिर परेड चौराहा से बड़ा चौराहा तक अभियान चलाकर कब्जे हटवाए। बड़ा चौराहा से परेड स्थित आईएमए भवन के दोनों तरफ, परेड, उर्सला, डफरिन अस्पताल के फुटपाथ पर दोबारा अतिक्रमण हटाया गया। अचानक अभियान शुरू होने से ठेले वाले कपड़े लादकर भाग खड़े हुए। कई को दौड़ाकर पकड़ा गया। ठेले में लदे कपड़ों को एक बोरी में भरकर दुकानदार के नाम से जब्त करा दिया।
आईएमए भवन के आसपास दोबारा अस्थायी अतिक्रमण देख महापौर प्रमिला पांडेय का पारा चढ़ गया। उन्होंने सामने खड़े होकर उसे तोड़वाया। अभियान के दौरान करीब 70 अस्थायी दुकानें हटवाकर 11 हजार जुर्माना वसूला गया। दोबारा अतिक्रमण न करने व एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी गई। इस दौरान पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राम किशोर, प्रर्वतन दल व भारी पुलिस बल मौजूद रहा। महापौर ने बताया कि बुधवार से यहां पूर्व सैनिक तैनात कर निगरानी कराई जाएगी। फुटपाथ वाले दुकानदारों की लिस्ट भी मांगी है। फुटपाथ पर एक-एक ठेला लगाने देने पर विचार किया जा रहा है।
जुर्माना वसूला जाएगा
बता दें कि परेड से उर्सला अस्पताल तक फुटपाथ से लेकर सड़क तक बड़ी संख्या में कपड़े की दुकानें लगती हैं। खरीदार भी अपने वाहन सड़क पर ही खड़े कर देते हैं, जिससे हर दिन जाम लगता है। जोन एक के अधिकारी विद्यासागर यादव ने बताया कि जब्त कपड़ों को दुकानदार जोनल कार्यालय में चार-चार हजार रुपये जुर्माना देकर ले जा सकते हैं।
फुटपाथ व सड़क घेरना गलत : महापौर
महापौर ने कहा कि अतिक्रमण हटाने का अभियान चलता रहेगा। जल्द ही अतिक्रमण को लेकर दुकानदारों के साथ बैठक होगी, जिसमें अगर दुकानों के सामने ठेले लगे तो उनकी जिम्मेदारी होगी। छोटे पैमाने पर कारोबार करने वाले बहुत लोग है लेकिन फुटपाथ, सड़क घेरकर कारोबार करना गलत है। उर्सला, डफरिन, ब्लड बैंक में मरीजों, एबुलेंस को आने-जाने में दिक्कत होती है।