मनीष पाल की फाइल फोटो, उनके माता-पिता व पत्नी
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मर्चेंट नेवी शिप के चीफ कुक मनीष पाल के लापता होने के मामले में शिप कंपनी ने दावा किया है कि 24 घंटे का सर्च ऑपरेशन चलाया गया लेकिन मनीष का सुराग नहीं लगा। शिप कंपनी परिजनों को सवालों के सीधे जवाब नहीं दे रही है। शहर पुलिस ने शासन को मामले की जानकारी देने के साथ विदेश मंत्रालय से भी संपर्क किया है।
ग्वालटोली के अहिराना निवासी जयसेवक पाल के बेटे मनीष पाल मर्चेंट नेवी में चीफ कुक हैं। सितंबर 2020 में वे मुंबई की बर्नहार्ड शटल शिप मैनेजमेंट कंपनी के शिप पर रवाना हुए थे। 29 जनवरी से मनीष जहाज से संदिग्ध हालात में लापता हो गए। एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि गुरुवार को मामले की जानकारी विदेश मंत्रालय को दे दी गई है। परिजनों से बातचीत कर शिप कंपनी आदि के बारे में जानकारी जुटाई गई है। विदेश मंत्रालय ने शिप कपंनी से संपर्क कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
पोलैंड में भारतीय दूतावास को दी गई जानकारी
यूरोप के लिथुआनिया देश से जब शिप मलेशिया के लिए रवाना हुआ था तो इस बीच मनीष की 29 जनवरी की दोपहर करीब बारह बजे व्हाट्सएप कॉल पर पत्नी व बहन से बातचीत हुई थी। यानी इन दोनों देशों के बीच में मनीष कहीं लापता हुआ है। पुलिस अफसरों के मुताबिक लिथुआनिया देश में भारतीय दूतावास नहीं है। पोलैंड की इंडियन एंबेसी से लिथुआनिया देश गर्वन किया जाता है। इसलिए विदेश मंत्रालय ने पोलैंड इंडियन एंबेसी से संपर्क कर जानकारी साझा की है।
शिप कंपनी का रवैया सवालों के घेरे में
मनीष शिप पर बेहद परेशान था। उसने परिजनों को बताया था कि शिप स्टाफ उसको प्रताड़ित कर रहा है। पूरे मामले में शिप कंपनी का रवैया सवालों के घेरे में रहा है। परिजनों को सूचना न देना गंभीर मामला है। मनीष की पत्नी पूजा, बहन शिवानी, मां और पिता सभी परेशान हैं।