पुरवामीर के प्राचीन राम मंदिर को संवारने की गुहार
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कानपुर में नरवल तहसील के विकासखंड सरसौल के अंतर्गत आने वाले पुरवामीर गांव का प्राचीन ठाकुरद्वारा मंदिर आज अव्यवस्थाओं का शिकार होकर खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। सैकड़ों वर्ष पहले निर्मित इस मंदिर में माता सीता, श्रीराम और लक्ष्मण जी की अष्टधातु की मूर्तियां विराजमान थीं। इनकी दिव्यता और ऊर्जा से मंदिर की भव्यता दूर-दूर तक प्रसिद्ध थी, लेकिन कालचक्र ने ऐसा करवट ली कि अज्ञात चोरों ने इन मूर्तियों की चोरी कर ली और यहीं से मंदिर के पतन की कहानी शुरू हुई।
एक ओर सरकार मंदिरों की खोज और संवर्धन में जुटी है। वहीं, इदूसरी ओर इस विशालकाय मंदिर में दिनभर शराबियों और जुआरियों का जमावड़ा रहता है। असामाजिक तत्व मंदिर परिसर को अपना अड्डा बनाए हुए हैं। ग्रामीणों ने कई बार चंदा एकत्र कर मंदिर को संवारने का प्रयास किया, लेकिन सहयोग की कमी और परिस्थितियों के विपरीत होने के कारण हर बार प्रयास अधूरा रह गया। ग्रामीण बताते हैं कि यह मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है और इसकी इमारत आज भी मजबूत है, लेकिन देखरेख के अभाव में धीरे-धीरे यह खंडहर में बदल रहा है।