ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) 2027 में टेक्सटाइल इंजीनियरिंग एंड फाइबर साइंस के विद्यार्थियों के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। इस बार टेक्सटाइल इंजीनियरिंग एंड फाइबर साइंस के 100 अंक के पेपर को 35 अंक का कर दिया गया है। शेष 65 अंकों के लिए छात्रों को इंजीनियरिंग साइंस, मैथ एप्टीट्यूड और इंजीनियरिंग मैथ के पेपर को पास करना होगा। शहर के यूपीटीटीआई संस्थान के छात्राें में इसे लेकर निराशा है। उनका कहना है कि इस बदलाव से फर्क आएगा।
गेट का आयोजन आईआईटी मद्रास करा रहा है। नई व्यवस्था में टेक्सटाइल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को अब केवल टेक्सटाइल विषय पर आधारित 100 अंकों की परीक्षा नहीं देनी होगी। पूरे 100 अंकों का आकलन चार हिस्सों में होगा। 15 अंक का एप्टीट्यूड, 15 अंक इंजीनियरिंग मैथ, 35 अंक का एडिशनल इंजीनियरिंग साइंस और 35 अंक का टेक्सटाइल इंजीनियरिंग का पेपर होगा।
इस बदलाव का असर टेक्सटाइल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों की तैयारी पर भी पड़ेगा। पहले जहां पूरा फोकस टेक्सटाइल विषय और उसमें शामिल गणितीय हिस्से पर था, अब विद्यार्थियों को टेक्सटाइल के साथ एक अन्य इंजीनियरिंग साइंस विषय की भी तैयारी करनी होगी। यूपीटीटीआई के डीन छात्र कल्याण डॉ. जेपी सिंह ने कहा कि गेट 6, 7, 13, 14, 20 और 21 फरवरी 2027 को प्रस्तावित है। सिलेबस को करीब पांच वर्ष बाद संशोधित किया गया है और टेक्सटाइल इंजीनियरिंग एंड फाइबर साइंस को सेक्शनल पेपर में बदलना इसी व्यापक बदलाव का हिस्सा है।