22 फीट के गड्ढे को भर दिया जाएगा
हादसे के दौरान रेस्क्यू के लिए हुई खुदाई में उनका पूरा घर क्षतिग्रस्त हो गया। दो दिन तक परिवार ने पड़ोसी के बरामदे में भूखे-प्यासे रातें काटीं। इस उम्मीद में कि शासन-प्रशासन से कोई मदद आएगी। कम से कम खुदाई से बने 22 फीट के गड्ढे को भरकर बचे हुए एक कमरे तक आने-जाने का रास्ता ही बना दिया जाएगा, ताकि परिवार दो वक्त की रोटी बना सके।
कम से कम सिर पर छत तो बचा लूं
लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। थक-हारकर रविवार को परिवार ने खुद ही एक ट्रैक्टर से मिट्टी की भराई कराई। पिता विनोद, बेटा भास्कर और मोहल्ले के कुछ लोग फावड़े से गड्ढे की भराई कर रहे हैं। आंखों में आंसू और हाथों में फावड़ा लिए पिता कह रहा हैं कि बेटी तो चली गई, अब कम से कम सिर पर छत तो बचा लूं।