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Talent: जैनब की रफ्तार से दोगुनी उम्र के धावक भी सुस्त, 1500 मीटर दौड़ में 18 साल के खिलाड़ी को भी हराया

Fri, 25 Jul 2025 07:42 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: आठ साल की जैनब ने अपनी उम्र से दोगुने खिलाड़ियों को एथलेटिक्स ट्रैक पर पछाड़कर दो स्वर्ण पदक जीते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद, उनके पिता और कोच के सहयोग से वह देश के लिए खेलने का सपना देख रही हैं।
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जैनब - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उम्र मजह आठ साल और जज्बा ऐसा कि खुद से दोगुने उम्र के खिलाड़ियों को एथलेटिक्स ट्रैक पर धूल चटाए। तकनीक के साथ-साथ अपनी क्षमता से अनवरगंज निवासी धाकड़ बेटी जैनब रफ्तार को नई परिभाषा दे रही है। बुधवार को जैनब ने यूथ ओलंपिक गेम्स 2025 सीजन-3 की 800 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले जनवरी में हुई 1500 मीटर दौड़ में जैनब ने 18 साल के खिलाड़ी को अधिक अंतर से हराकर स्वर्ण पदक जीता था।

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जैनब के पिता मो. हनीफ ने बताया कि जब वह पांच साल की थी तो कई बार बीमार हुई। इससे वह काफी कमजोरी हो गई थी। डॉक्टर के कहने पर उसे रोज सुबह टहलने के लिए रेलवे मैदान ले जाने लगे। वहीं पर एथलेटिक्स कोच दिनेश भदौरिया ने बेटी को टहलते और दौड़ते देखा तो कहा कि यह बेहतर एथलीट बन सकती है, बस जरूरत है सही ट्रेनिंग की।

पदकों को देखकर तारीफ करते नहीं थकते हैं लोग
इसके बाद से उन्होंने जैनब को प्रशिक्षण देना शुरू किया। शुरुआती दिनों में बेटी के दौड़ने पर तरह-तरह के सवाल उठाने वाले लोग अब उसके पदकों को देखकर तारीफ करते नहीं थकते हैं। उन्होंने बताया कि दंगल फिल्म दिखाकर और खिलाड़ियों की जीवनी पढ़ाकर बेटी को लक्ष्य तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने हमेशा समझाया कि बेटियां, बेटों से किसी भी मामले में कम नहीं होती है।

लगातार दौड़ने की क्षमता अधिक
कोच दिनेश भदौरिया ने बताया कि जैनब में लगातार दौड़ने की क्षमता अधिक है। तकनीक के साथ उसकी क्षमता ही उसे अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाती है। उसकी ज्यादातर जीत बड़े अंतर की होती है। जैनब नगरनिगम बालिका विद्यालय चुन्नीगंज की छात्रा है। प्रधानाचार्य नीता सिंह ने छात्रा को यूथ ओलंपिक गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि छात्रा ने यह मुकाम सीमित संसाधनों में प्राप्त किया है।

पिता दुकान में करते काम
जैनब के पिता मो. हनीफ एक दुकान में काम करते हैं। इससे उनकी आर्थिक अच्छी नहीं है। इससे बेटी को बेहतर शिक्षा और प्रशिक्षण से जूझना पड़ रहा है। हालांकि पिता को लगातार प्रतियोगिताओं में बेहतर करने वाली अपनी बेटी से देश के लिए खेलने की उम्मीद है।
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इन प्रतियोगिताओं में जीते पदक

  • 2023 में जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सर्वश्रेष्ठ एथलीट।
  • एथलेटिक्स मीट 2024 में अंडर-18 की 800 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक।
  • सीबीएसई क्लस्टर एथलेटिक्स की 1500 व 800 मीटर दौड़ में रजत पदक।
  • कानपुर डिस्ट्रिक एसोसिएशन की ओपन 800 व 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक।
  • स्वर्गीय गायत्री जौहरी एवं सत्य मन्यु जौहरी की स्मृति में हुई 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक।
  • यूथ ओलंपिक गेम्स 2025 सीजन-3 की 800 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता।
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