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डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया
कुछ देर बाद वह कृष्ण को जगाने उसके कमरे में पहुंचीं। कृष्ण का मुंह तकिए से ढका था। उन्होंने तकिया हटाकर बेटे को आवाज दी, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद बड़े बेटे ऋषभ कुमार को जगाया गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास रहने वाले रिश्तेदार भी मौके पर पहुंच गए। परिजन कृष्ण को पहले निजी अस्पताल ले गए, जहां से उसे कांशीराम अस्पताल भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुरानी रंजिश में हत्या का आरोप
बड़े ऋषभ कुमार ने बताया कि, कृष्ण का मोहल्ले के रहने वाले से पुराना विवाद चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि 21 सितंबर को कृष्ण को रोककर गाली-गलौज और मारपीट की गई थी। इसके बाद घर पर पथराव भी किया गया था। जिसमें उनकी मां के पैर में चोट लगी थी।
गवाही देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी
आरोप है कि, पुराने विवाद में कृष्ण महत्वपूर्ण गवाह था और यूकी गवाही बाकी थी। आरोपियों ने कई बार गवाही देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। परिजनों का दावा है कि घटना के बाद पुलिस से शिकायत भी की गई, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। अगर समय रहते पुलिस कार्रवाई करती, तो ऐसा नहीं होता।
दिल्ली में देना था ऑडिशन
बड़े भाई ऋषभ ने बताया कि कृष्ण डांस करता था और उसे 9 अक्टूबर को दिल्ली में ऑडिशन देने जाना था। परिवार के मुताबिक, वह इसे लेकर तैयारी कर रहा था। अचानक उसकी मौत से घर में कोहराम मचा है।
गले के चोट के निशान ने बढ़ाया संदेह
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। गले पर मिले चोट के निशान को लेकर पुलिस जांच कर रही है।
आरोपों की कराई जा रही है जांच
चकेरी एसीपी आशुतोष सिंह ने बताया कि युवक को परिजन कांशीराम अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कराई जा रही है। गले पर मिले चोट के निशान की विशेषज्ञ टीम से जांच कराई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।