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साथी बोले- अक्सर डिप्रेशन में रहते थे संदीप
यही वजह है कि आज कीर्ति और अरनव कहां है किसी को कुछ नहीं पता। परिजन के मुताबिक 2020 में कासगंज की कंचन से संदीप ने प्रेम विवाह किया। उनकी जिंदगी में चार साल की बेटी माही और दो माह का बेटा वंशीधर आया। कंचन की भी दूसरी शादी थी। कानपुर देहात के अस्पताल के साथियों का कहना है कि संदीप स्वभाव के सरल थे, लेकिन अक्सर डिप्रेशन में रहते थे।
दोनों में विवाद जरूर हुआ होगा
ऐसा लगता था कि उनके साथ कुछ ठीक नहीं चल रहा है। मगर वो अपनी जान ले लेंगे ऐसा किसी ने नहीं सोचा था। छोटे भाई विक्रम ने बताया कि रविवार रात किसी न किसी गंभीर बात पर दोनों में विवाद जरूर हुआ होगा। इसके बाद चप्पल वाली बात हो गई होगी, जिससे नौबत आत्महत्या तक पहुंच गई।
पिता ने कहा, कंचन से संदीप बोला था ज्यादा धर्मात्मा बनती हो
सर्जन संदीप के पिता भी सूचना पाकर निरालानगर स्थित अपार्टमेंट पहुंचे। उन्होंने बताया कि कंचन कुछ ज्यादा ही धार्मिक प्रवृत्ति की है। वह घर पर पूजा पाठ अधिक करती थी। शायद यही वजह थी कि दोनों सात-आठ साल पहले परदेवनपुरवा का घर छोड़कर निरालानगर में ग्राउंड फ्लोर पर स्थित थ्री बीएचके फ्लैट में रहने लगे थे।
इतनी जल्दी परिवार बिखर जाएगा
घटना के बाद बहू ने ही फोन कर उन्हें बताया था कि संदीप ने उससे से कहा था कि तुम ज्यादा धर्मात्मा बनती हो तो लो... इतना ही बता पाई थी कि फोन कट गया था। वहीं, अपार्टमेंट के लोगों ने बताया कि दो माह पहले जब संदीप के बेटे का जन्म हुआ था, तो उन्होंने खुशी में मिठाई बांटी थी। ऐसा नहीं लग रहा था कि इतनी जल्दी परिवार बिखर जाएगा।
कानपुर और कन्नौज में रह चुकी तैनाती
संदीप के चचेरे भाई ऋषभ ने बताया कि उन्होंने देहरादून से वर्ष 2006 में जॉली ग्रांट मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया था। वर्ष 2010 में कानपुर मेडिकल कॉलेज से एमएस करने के बाद करीब नौ साल तक हैलट में अपनी सेवाएं दी थीं। इसके बाद उनका तबादला कन्नौज हुआ जहां डॉ. संदीप छह साल तक कार्यरत रहे। करीब दो साल पहले ही उनका तबादला कानपुर देहात में हुआ था।
ये था पूरा मामला
कानपुर में बाथरूम की चप्पल पहनकर कमरे में आने को लेकर पत्नी से विवाद के बाद जनरल सर्जन डॉ. संदीप सिंह (47) ने खुद को गोली मारकर जान दे दी। वह कानपुर देहात के जिला अस्पताल में कॉन्ट्रेक्ट पर तैनात थे। घटना रविवार देर रात करीब दो बजे किदवईनगर स्थित ब्लॉसम अपार्टमेंट में उनके फ्लैट की है। सूचना पर पहुंची पुलिस और फाॅरेंसिक टीम ने फ्लैट के पूजा घर से उनकी लाइसेंसी रिवॉल्वर बरामद की जहां उन्होंने खुद को सीने में गोली मारी थी।
डॉक्टर कीर्ति से 2017 में तलाक हो गया था
लालबंगला के परदेवनपुरवा निवासी सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी राजबहादुर सिंह के बेटे डॉक्टर संदीप सिंह (47) ने दो शादियां की थीं। पुलिस के अनुसार उनका पहली पत्नी डॉक्टर कीर्ति से किन्हीं कारणों से 2017 में तलाक हो गया था। 2019 में उन्होंने तलाकशुदा कंचन से दूसरी शादी की। इससे उनके दो बच्चे चार साल की माही व दो माह का बेटा है। डॉक्टर के करीबियों ने पुलिस को बताया कि रविवार रात संदीप बाथरूम गए।
खुद को सीने में गोली मार ली
बाथरूम में पहनकर जाने वाली चप्पल ही पहनकर वह कमरे में आ गए। यह देख कंचन ने उन्हें टोका जिसे लेकर दोनों में काफी देर तक कहासुनी होती रही। इसके बाद कंचन बच्चों के साथ कमरे में सोने चली गईं। इधर देर रात संदीप अपनी रिवॉल्वर लेकर पूजा घर में बैठ गए और खुद को सीने में गोली मार ली। गोली की आवाज सुन कंचन भागकर पूजा घर पहुंचीं।
मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है
वहां डॉक्टर को लहूलुहान हालत में पड़ा देख चीखते हुए ऊपर की मंजिल में रहने वाले पड़ोसियों के पास पहुंचीं। उनकी मदद से डॉक्टर को रीजेंसी अस्पताल ले गईं, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया, जिसमें गोली उनकी पीठ के नीचे रीढ़ की हड्डी में फंसी मिली। डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र चौधरी ने बताया मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। कार्यवाहक इंस्पेक्टर नीरज द्विवेदी ने बताया कि पत्नी से कहासुनी के बाद डॉक्टर ने गोली मारकर आत्महत्या की है।