कानपुर शहर के 11वीं के युवराज गुप्ता साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में बादशाह बन गए हैं। उनके सिर नासा की वेबसाइट बचाने का ताज सजा है। उन्होंने नासा की वेबसाइट को हैक कर फर्जी ईमेल व खुफिया जानकारी हासिल कर रहे बग को खोज निकाला है।
इस कामयाबी पर उन्हें प्रशस्ति पत्र के साथ नासा के हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया है। नौबस्ता हनुमंत विहार के युवराज सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, दामोदर नगर के छात्र हैं। उनके 10वीं में 79.4 फीसदी अंक थे।
युवराज को साइबर सिक्योरिटी और एथिकल हैकिंग का शौक है। उन्होंने ऑनलाइन फ्री कोर्स, यूट्यूब और किताबों की मदद से हैकिंग, साइबर सिक्योरिटी के कई गुर सीखे हैं। युवराज कहते हैं कि नासा की ओर से बग बाउंटी हंटिंग साइबर सिक्योरिटीज का कार्यक्रम साल भर चलता है।
इसमें पूरी दुनिया के हैकर्स को नासा में बग तलाश करने के लिए आमंत्रित किया जाता है। इन बग से नासा की सुरक्षा में चूक का खतरा हो सकता है। यह बनावटी नहीं, बल्कि वास्तविक बग होते हैं।
नासा की ई-मेल के माध्यम से कोई भी फर्जी मेल भेज सकता था
युवराज के मुताबिक उन्होंने दो हफ्ते तक कड़ी मेहनत की, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। उन्होंने इसे छोड़ने का मन बना लिया था। अचानक से एक रात दो बजे नासा के सब डोमेन में एक बग रिपोर्ट हुआ। यह नासा की ई-मेल के माध्यम से कोई भी फर्जी मेल भेज सकता था। इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार की और वीडियोग्राफी कर नासा को भेजा।
युवराज के पिता जय नारायण करते हैं प्राइवेट नौकरी
दूसरा बग भी उनकी ई-मेल पर रिपोर्ट हुआ। यह बग खुफिया जानकारियां हासिल कर सकता था। इसकी भी रिपोर्ट बनाकर नासा को भेजी। एक साथ दो बग ढूंढने पर उन्हें हॉल ऑफ फेम और प्रशस्ति पत्र दिया गया। युवराज के पिता जय नारायण प्राइवेट नौकरी करते हैं और मां कल्पना गुप्ता गृहणी हैं। कम उम्र में ही साइबर सिक्योरिटी और एथिकल हैंकिंग का शौक रखने वाले युवराज ने कई संस्थानों में इसका प्रशिक्षण दिया है।