कानपुर के बिठूर इलाके में गुरुवार देर शाम नौवीं कक्षा की छात्रा ने मां की साड़ी से फंदा लगाकर जान दे दी। मौके पर न तो कोई सुसाइड नोट मिला है और न ही परिजन खुदकुशी के पीछे की वजह ही बता सके है। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की। वहीं, फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं।
बगदौधी बांगर निवासी गजेंद्र सिंह की बेटी यशिका (15) नारामऊ स्थित एक स्कूल में पढ़ती थी। परिजनों ने बताया कि शाम को यशिका पढ़ने के लिए जाने की बात कहकर मकान की दूसरी मंजिल में बने कमरे में गई थी। काफी देर तक वह नीचे नहीं आई तो परिजन ऊपर पहुंचे, जहां कमरे में यशिका पंखे से मां की साड़ी के सहारे फंदे पर लटकी थी। परिजनों ने उसे नीचे उतारा लेकिन तब तक उसकी सांंसे थम चुकी थी। गांव वालों की सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने घटनास्थल की जांच की। थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि छात्रा के खुदकुशी करने की वजह पता नहीं चली है। परिजनों ने छात्रा के सारे कागजात और कॉपी-किताबें पुलिस को सौंप दी हैं। परिजन रात में पोस्टमार्टम के लिए कह रहे हैं।