कानपुर के हनुमंत विहार में बीरू भदौरिया को कार सवारों ने इस कदर यातनाएं दीं कि एक बार मौत की भी रुह कांप जाए। उन्हें पहले कार से टक्कर मारी। इसके बाद जमकर लात घूंसों से पीटा। हमलावरों का इतने से मन नहीं भरा, तो कार की छत पर लिटाकर इलाके में घुमाकर अपना दुस्साहस का परिचय दिया। अंगुलियों को कार के शीशे में दबाया गया जिससे उनकी अंगुलियां तक पिचक गईं। इसके बाद सुनसान जगह पर कार से रौंदकर उन्हें मौत की नींद सुला दिया।
इसके बाद भी उनके परिजन को पुलिस ने न्याय दिलाने के बजाय सीधे बड़े मामले का ही गला घोंटकर आरोपियों की करगुजारी को बल देने का काम किया। लापरवाह पुलिस ने घटना का कारण जानने के लिए खुद इलाके में लगे सीसी कैमरों के फुटेज चेक नहीं किए। परिजन को शक हुआ तो खुद ही सीसी कैमरे के फुटेज खोजकर पुलिस के पास पहुंचे। आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर भी दी।
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18 घंटे बाद अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
बताया कि कुछ दिन पहले बीरू का इन्हीं लोगों के साथ विवाद हुआ था। कार जिसके नाम पर पंजीकृत है, वो कार भी उनमें से एक आरोपी की निकली। इसके बावजूद पुलिस ने घटना के 18 घंटे बाद अज्ञात के खिलाफ मामूली धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। प्राथमिकी दर्ज करने से पहले ही पुलिस को जो वीडियो दिखाए गए उसमें कार सवार गलियों में कार को तेज रफ्तार में लगातार हॉर्न बजाकर भगाते नजर आ रहे हैं।
रोते बिलखते परिजन
- फोटो : amar ujala
पुलिस ने साधारण हादसा मान लिया
कार की छत पर युवक भी दिख रहा है। इतनी रफ्तार में कार होने के बावजूद साफ है कि उसकी अंगुलियां कार के शीशों में दबी रही होंगी, जिससे वह कार से गिर भी नहीं रहा। इन सभी बातों को नजरअंदाज कर पुलिस ने इस साधारण हादसा मान लिया। वहीं, देर शाम पुलिस ने अपने बचाव में बीरू के कुछ सीसीटीवी फुटेज निकाल लिए जिसमें वह अपने एक मित्र के साथ बाइक पर जाता दिखाई दे रहा।
शरीर में चोटों के निशान थे
इस दौरान वह एक जगह उतर कर हाथ में डंडा लिए हुए इधर-उधर चलाता दिख रहा है। ऐसे में पुलिस का दावा है कि वह नशे में था। सवाल इस बात है कि क्या किसी के नशे में होने या हाथ में डंडा लेने पर किसी अन्य को उसकी हत्या करने का अधिकार मिल जाता है। परिजन के अनुसार बीरू का एक्सीडेंट होने की सूचना पर जब वह मौके पर पहुंचे, तो उसके शरीर में चोटों के निशान थे। आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया।
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में कार
- फोटो : amar ujala
दो दर्जन सीसी कैमरों में कार सवारों का दुस्साहस कैद
कुछ देर में उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद जब शरीर देखा तो पूरे शरीर में चोटों के निशान थे। अंगुलियां पिच्चा हो गई थीं। इसके बावजूद पुलिस ने परिजन की दी हुई नामजद तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज न कर पूर्व में लिखवाई गई तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। करीब दो दर्जन सीसी कैमरों में कार सवारों का दुस्साहस कैद होने के बाद हनुमंत विहार थाने के प्रभारी यही मानते रहे कि हो सकता है कार चालक को पता ही न हो कि जिससे टक्कर हुई है।
दोनों पक्षों का समझौता हुआ था
वह कार की छत पर मौजूद है। पिता रामशंकर ने बताया कि जिन आरोपियों ने बेटे को कार से टक्कर मारने के बाद रौंदा उन्हीं आरोपियों से कुछ दिन पहले विवाद हुआ था। मामला पुलिस के पास भी गया था, जिसमें दोनों पक्षों का समझौता हुआ था। हालांकि, आरोपी खुन्नस पाले थे। मंगलवार को बेटे को अकेला पाकर घटना को अंजाम दे दिया। जिस हॉन्डा अमेज कार से हादसा हुआ वह कार उसकी के नाम पंजीकृत है।
सीसीटीवी में कैद वारदात
- फोटो : amar ujala
परिजनों की ओर से दी गई तहरीर पर प्राथमिकी हुई है। पुलिस को बाद में दूसरी तहरीर मिली है। उसे भी विवेचना में जोड़ा जाएगा। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हुई हैं। -दीपेंद्रनाथ चौधरी, डीसीपी साउथ
ये है पूरा मामला
हनुमंत विहार में मंगलवार रात दशहरे का मेला देखकर लौट रहे अर्रा निवासी बीरू सिंह भदौरिया (37) को रंजिश के चलते हाॅन्डा अमेज कार से रौंदकर मार डाला गया। हत्या से पहले हमलावरों ने क्रूरता की हद पार कर दी। युवक को कार से टक्कर मारकर गिराया। अधमरा करने के बाद उसे कार की छत पर पेट के बल लिटाया। उसके दोनों हाथों की अंगुलियों को दायें-बायें के शीशों में दबाकर फंसा दिया।
हनुमंत विहार थाना
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की भी हीलाहवाली रही
इसी हालत में कार को गलियों में भगाया। फिर एक ट्रेडिंग कंपनी के पास कार से गिराकर उसे रौंद दिया और भाग निकले। वारदात कई सीसी कैमरों में कैद हुई। मामले में पुलिस की भी हीलाहवाली रही। परिजन के नामजद तहरीर देने के बावजूद पांच अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस को केस दर्ज करने में भी करीब 18 घंटे से अधिक का समय लग गया। हनुमंत विहार थाना क्षेत्र के अर्रा निवासी बीरू सिंह फूड प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी में सेल्समैन थे।
दो युवकों से किसी बात को लेकर हो गया था विवाद
परिवार में पत्नी रीना, दो बच्चियां सीवी, ईशानी, बेटा विराज के अलावा पिता राम शंकर और बड़े भाई कुलदीप सिंह हैं। पिता राम शंकर सिंह ने पुलिस को बताया कि बीरू का कुछ दिन पहले खाड़ेपुर नई बस्ती निवासी दो युवकों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद से आरोपी खुन्नस रखे थे।बताया मंगलवार रात बीरू क्षेत्र में ही दशहरे का मेला देख लौट रहा था। रास्ते में दोनों आरोपी अपने तीन अन्य साथियों के साथ कार से आए।
बीरू को कार से रौंदकर मार डाला
बीरू को रोककर पीटा। बीरू ने भागकर बचने का प्रयास किया, तो कार से उसे टक्कर मारकर अधमरा कर दिया। फिर सभी ने उसे उठाकर कार की छत पर लिटाया। दोनों हाथों की अंगुलियों को शीशों में फंसा कार को करीब डेढ़ किमी इलाके की तंग गलियों को भगाकर दहशत फैला दी। राजेंद्रनगर में अश्वनी ट्रेडिंग कंपनी के पास सुनसान जगह पर पहुंचे। कार से गिराने के बाद बीरू को कार से रौंदकर मार डाला। इसके बाद वाहन समेत भाग निकले। पास से गुजरे किसी परिचित ने परिजन को सूचना दी। परिजन ने बुधवार को हत्यारोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। इसके बाद पुलिस ने शाम को पांच अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया।
लापरवाही: तहरीर में दो नामजद, फिर भी अज्ञात में दर्ज की रिपोर्ट
जीरो टॉलरेंस का दम भरने वाली पुलिस की भी लापरवाही देखी गई। आरोपी बीरू को कार की छत पर फंसाकर कर को गलियों में दौड़ाते रहे लेकिन एक भी पुलिसकर्मी को यह घटना नहीं दिखाई दी। यह हाल तब है जब दशहरा के चलते चप्पे-चप्पे पर पुलिस की निगरानी का दावा किया गया था। हद तो तब हो गई जब मंगलवार रात की घटना दो दर्जन से अधिक सीसी कैमरों में कैद होने के बाद भी पुलिस ने प्राथमिकी बुधवार शाम को दर्ज की।
आरोपियों को तुरंत पकड़ने की मांग
पिता की ओर से तहरीर में दो नामजद होने के बाद भी अज्ञात में प्राथमिकी दर्ज की गई। वहीं, थाना प्रभारी अपनी जिम्मेदारी पर पर्दा डालते हुए परिजन से यह कहते सुने गए कि हो सकता है कि कार से टक्कर हुई हो। चालक को पता ही न चला हो कि कार की छत पर कोई है। इसके बाद परिजन बिफर गए। शव लेकर घर पहुंचे और जमकर हंगामा किया। आरोपियों को तुरंत पकड़ने की मांग की।
जहानाबाद में मिली लोकेशन
जिस कार से टक्कर मारी गई वह मेवालाल के नाम पर पंजीकृत है। घटना के वक्त वह कार में था या नहीं पुलिस इसकी जांच कर रही है। पुलिस ने जब कार नंबर और परिजन की ओर से बताए गए मोबाइल नंबरों की लोकेशन ट्रेस की तो वह फतेहपुर के जहानाबाद में निकली।
अंगुलियां ने बयां की खौफनाक मंजर की दास्तां
पुलिस भले ही इसे हादसा बताकर बीरू से हुई बर्बरता पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही हो लेकिन शव ने खौफनाक मंजर की दास्तां बयां कर दी। परिजन का दावा है कि बीरू के शरीर में कई जगह चोटों के निशान मिले हैं। शीशे से दबे रहने के चलते उसकी दोनों हाथों की अंगुलियां तक पिचक सी गई थीं।