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UP: 'अब न पैरों में चप्पल और न तन पर कुर्ता', MLA अमिताभ बाजपेई ने डमरू बजाकर प्रशासन को जगाया, जानें मामला

Fri, 15 May 2026 12:44 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: समाजवादी पार्टी विधायक अमिताभ बाजपेई ने आंदोलन को और अधिक प्रतीकात्मक और आक्रामक रूप दे दिया। नजरबंदी के बीच विधायक ने अपने आवास के बाहर समर्थकों के समक्ष ऊपरी वस्त्र त्यागते हुए संकल्प लिया कि परमट का प्राथमिक विद्यालय बनने तक वह इसी स्वरूप में जनसंघर्ष जारी रखेंगे और पैरों में चप्पल भी धारण नहीं करेंगे।
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Parmat School Dispute - फोटो : वीडिओ ग्रैब
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विस्तार
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कानपुर नगर की राजनीति में बुधवार को उस वक्त उबाल आ गया, जब आर्यनगर से समाजवादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेई ने परमट स्कूल विवाद को लेकर अपने त्याग की सारी सीमाएं लांघ दीं। पुलिस की कड़ी घेरेबंदी और नजरबंदी के बीच विधायक ने न सिर्फ प्रशासन के खिलाफ डमरू बजाया, बल्कि अपना कुर्ता उतारकर फेंक दिया। उन्होंने ऐलान किया कि जब तक परमट का प्राथमिक विद्यालय बनकर तैयार नहीं हो जाता, वह नंगे पैर रहेंगे और शरीर के ऊपरी हिस्से पर कोई वस्त्र धारण नहीं करेंगे।

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अमिताभ बाजपेई के घर पहुंचे सपा नेता इरफान सोलंकी और सोहेल अंसारी - फोटो : वीडिओ ग्रैब

मैदान में उतरे सपा दिग्गज: इरफान सोलंकी और सोहेल अंसारी ने संभाला मोर्चा

विधायक अमिताभ बाजपेई के इस उग्र आंदोलन को धार देने के लिए समाजवादी पार्टी के अन्य कद्दावर नेता भी मैदान में उतर आए। इरफान सोलंकी और सोहेल अंसारी अपने समर्थकों के साथ अमिताभ बाजपेई के आवास पर पहुंचे। नेताओं की इस मौजूदगी ने प्रशासन की बेचैनी और बढ़ा दी। इरफान सोलंकी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता के प्रतिनिधि को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। वहीं सोहेल अंसारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह लड़ाई अब केवल अमिताभ बाजपेई की नहीं, बल्कि पूरी समाजवादी पार्टी और कानपुर की जनता की है। इन दिग्गज नेताओं के पहुंचने से कार्यकर्ताओं का जोश दोगुना हो गया और नारेबाजी और तेज हो गई।

कुर्ता उतारकर फेंका, लिया त्याग का संकल्प

हंगामे के बीच अमिताभ बाजपेई ने एक ऐसा कदम उठाया जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपना कुर्ता उतारकर फेंक दिया। उन्होंने संकल्प लेते हुए कहा: आज से मेरा शरीर आधा नग्न रहेगा। जब तक परमट स्कूल की इमारत बनकर खड़ी नहीं हो जाती, मैं न तो पैरों में चप्पल पहनूंगा और न ही बदन पर कुर्ता डालूंगा। मैं इसी अवस्था में जनता के बीच जाऊंगा और विधानसभा की कार्यवाही में भी शामिल होऊंगा।

डमरू बजाकर विरोध जताते सपा विधायक अमिताभ बाजपेई - फोटो : वीडिओ ग्रैब

डमरू का शंखनाद और नजरबंदी

 अमिताभ बाजपेई के आवास को पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया था। नजरबंदी से नाराज विधायक सुबह अपने घर के गेट पर आए और हाथ में डमरू लेकर उसे जोर-जोर से बजाना शुरू कर दिया। विधायक ने कहा, यह डमरू उस सोए हुए प्रशासन को जगाने के लिए है।

अधिकारियों से तीखी नोकझोंक, छावनी बना इलाका

विधायक के इस कड़े रुख और दिग्गज नेताओं के जमावड़े की जानकारी मिलते ही प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार और एडीसीपी सेंट्रल डॉ. अर्चना सिंह भारी पुलिस बल और पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विधायक और उनके साथ मौजूद इरफान सोलंकी व सोहेल अंसारी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन माहौल काफी गरमाया रहा। विधायक और एडीसीपी सेंट्रल के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। जब अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था का हवाला दिया, तो विधायक ने कहा, इतनी सुरक्षा अगर स्कूल निर्माण में लगाई होती, तो आज मुझे यह कदम नहीं उठाना पड़ता।

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धरने पर बैठे स्थानीय लोग व सपा समर्थक - फोटो : वीडिओ ग्रैब

क्या है परमट स्कूल का पूरा मामला?

कानपुर के परमट इलाके में एक पुराना सरकारी प्राथमिक विद्यालय था, जिसे जर्जर बताकर ध्वस्त कर दिया गया था। सपा नेताओं का आरोप है कि इस कीमती जमीन को भू-माफियाओं के हवाले करने की साजिश रची जा रही है। अमिताभ बाजपेई मांग कर रहे हैं कि सरकार तुरंत बजट जारी कर यहां स्कूल का निर्माण शुरू कराए। शाम तक विधायक आवास के बाहर तनावपूर्ण शांति बनी रही। इरफान सोलंकी और सोहेल अंसारी के समर्थन के बाद यह मुद्दा अब लखनऊ तक गूँजने के आसार हैं। पुलिस की गश्त जारी है और आलाधिकारी पल-पल की रिपोर्ट शासन को भेज रहे हैं।

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